
Puducherry Assembly Election 2021: system done Delhi after Puducherry
Puducherry Assembly Election 2021। देश के पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। इन राज्यों में वेस्ट बंगाल और तमिलनाडु काफी अहम चुनाव हैं। बीजेपी, कांग्रेस, टीएमसी और वाम दलों का पूरा खेमा इन्हीं पर फोकस किए हुए हैं। वहीं पुडुचेरी विधानसभा चुनाव ( Puducherry Assembly Election 2021 ) पर भी सबकी नजरें। वैसे एक बात आप सभी को नहीं मालूम होगी कि पुडुचेरी देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश है, जहां पर उपराज्य पाल के साथ मुख्यमंत्री और विधानसभा का गठन हुआ था। यानी जनता से चुनी हुई सरकार बनी थी। जिसे देखते हुए बाद में 90 के दशक में देश की राजधानी दिल्ली में भी यही व्यवस्था लागू हुई थी। आइए आपको भी बताते हैं कि पुडुचेरी में पहला विधानसभा चुनाव किन परिस्थितियों में देखने को मिला था।
पुडुचेरी में थी पहले रिप्रेजेंटेटिव असेंबली
पुडुचेरी जिसे पहले पांडिचेरी कहा जाता था में लेजिस्लेटिव असेंबली की जगह रिप्रेजेंटेटिव असेंबली हुआ करती थी। जिसका पहली बार गठन गठन 1955 में पांडिचेरी प्रतिनिधि सभा चुनाव के बाद हुआ था। हालांकि, यह सरकार स्थिर नहीं थी, क्योंकि सत्ता पक्ष व्यक्तिगत तनावों और गुटों से ग्रस्त था। भारत सरकार को सदस्यों की पार्टी संबद्धता के परिवर्तन के कारण उत्पन्न अस्थिरता के बाद आखिरकार विधानसभा को हस्तक्षेप करना पड़ा। उसके बाद अक्टूबर 1958 में मुख्य आयुक्त ने प्रशासन का कार्यभार संभाला। उसके 9 महीने बाद, 1959 में पांडिचेरी प्रतिनिधि सभा के लिए दूसरे आम चुनाव हुए। आपको बता दें कि पहले यहां 39 सीटों पर चुनाव होते थे, जहां से मंबर्स चुनकर आते थे ना कि एमएलए।
इस साल हुआ विधानसभा में परिवर्तन
पांडिचेरी प्रतिनिधि सभा 1 जुलाई 1963 को केंद्र शासित प्रदेश अधिनियम, 1963 की धारा 54 (3) के अनुसार विधानसभा में परिवर्तित हो गई थी। 1959 के चुनावों में चुने गए सभी 39 सदस्यों को पांडिचेरी की पहली विधानसभा के लिए भी चयन हो गया। जिनका कार्यकाल 01 जुलाई 1963 से 24 अगस्त 1964 तक था। जिसके बाद पुडुचेरी भारत का ऐसा पहला केन्द्रशासित प्रदेश बन गया था जहां विधानसभा और चुनी हुई सरकार की एक संवैधानिक व्यवस्था थी। बाद में पुडुचेरी की ही तजऱ् पर दिल्ली में भी चुनी हुई सरकार और विधानसभा की व्यवस्था की गई। जहां पर 1993 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए और पहले सीएम साहब सिंह वर्मा हुए। वहीं पांडिचेरी विधासभा के गठन के बाद एडोर्ड गौबर्ट को चीफ मिनिस्टर बनाया गया था।
मौजूदा समय में क्या है स्थिति
मौजूदा समय में पांडिचेरी से नाम बदलकर पुडुचेरी कर दिया गया है। जहां पर 33 विधानसभा सीटें हैं। 3 सीटों पर केंद्र सरकार नामित सदस्य होते हैं। जबकि 30 पर जनता के द्वारा चुने सदस्य आते हैं। पुडुचेरी में 6 अप्रैल को मतदान होगा। 2 मई को रिजल्ट आ जाएगा। अब देखने वाली बात होगी कि आखिर जनता इस असेंबली में किस पार्टी की के मेंबर्स को चुनकर लेकर आती है।
Updated on:
19 Mar 2021 11:06 am
Published on:
19 Mar 2021 11:04 am
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