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Rajasthan Election 2023: टिकट घोषणा के बाद ‘चीनी कम, लूण ज्यादा’ यहां बहुकोणीय मुकाबले की जमीन तैयार

Rajasthan Election 2023: धोरों से घिरे लूणकरनसर कस्बे के साथ क्षेत्र में चुनावी रंग गांव-देहात में जमने लगा है। खारे पानी की झील भले ही अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हो लेकिन, यहां की राजनीति में नमक का कर्ज चुकाने की खासियत आज भी लोगों में रची-बसी है।

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Rajasthan election 2023 धोरों से घिरे लूणकरनसर कस्बे के साथ क्षेत्र में चुनावी रंग गांव-देहात में जमने लगा है। खारे पानी की झील भले ही अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हो लेकिन, यहां की राजनीति में नमक का कर्ज चुकाने की खासियत आज भी लोगों में रची-बसी है। नहरी पानी पहुंचा लेकिन सिंचाई को लेकर आज भी कई तरह की परेशानियों से किसान जूझ रहे हैं। यह चुनावी मुद्दा भी रहता है और खेती-किसानी को केन्द्र में रख राजनीति करने वालों में वोटों का बंटवारा भी होता है। कई बार चौंकाने वाले परिणाम दे चुकी लूणकरनसर सीट पर फिर इस बार लीक से हटकर मतदाता अपना जनादेश देने की तैयारी में दिख रहे हैं। दोनों प्रमुख दलों ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। तीसरे मोर्चे ने भी ताल ठोकने के लिए दौरे किए हैं। निर्दलीय पहले भी यहां चुनाव की दिशा तय करते रहे हैं। इस बार भी असर डालेंगे, यह तय माना जा रहा है। तस्वीर बहुकोणीय मुकाबले की बनती नजर आ रही है।

बीकानेर पूर्व, खाजूवाला, श्रीडूंगरगढ़, श्रीगंगानगर की सूरतगढ़, हनुमानगढ़ की नोहर व चूरू के सरदारशहर विधानसभा क्षेत्र की सीमा लूणकरनसर विधानसभा क्षेत्र से लगती है। क्षेत्र लम्बे-चौड़े इलाके में फैला हुआ है। यहां की राजनीति भी आस-पास के विधानसभा क्षेत्र से प्रभावित रहती है। हर दस कोस पर मिट्टी अपना स्वरूप बदलती है, तो मतदाताओं की भी अपनी भाषा के साथ-साथ चुनावी मिजाज अलग-अलग देखने को मिल रहा है।

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अभी तक की राजनीतिक तस्वीर देखें तो भाजपा ने पुराने चेहरे पर दाव खेला है और कांग्रेस ने नए चेहरे को प्रत्याशी बनाया है। इससे कांग्रेस के पुराने स्थापित कांग्रेसियों में बैचेनी है। बगावत से इनकार नहीं किया जा सकता। भाजपा में पहले ही पिछले चुनाव से एक धड़ा अलग होकर अपना प्रत्याशी उतार चुका है। कुछ निर्दलीय और मैदान में आएंगे, तीसरे मोर्चे की पार्टियों को भी मैदान में आना है। ऐसे में इस सप्ताह तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

जैतून रिफाइनरी से एशिया में बनी पहचान
लूणकरनसर की कंवरसेन लिफ्ट नहर व जैतून रिफाइनरी से पूरे एशिया में पहचान है। वैसे ही दशकों से राजनीति की धुरी रहे भीमसेन चौधरी व मानिकचंद सुराणा ने लूणकरनसर को राजनीतिक रूप से प्रदेश में पहचान दिलाई है।

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क्षेत्र के प्रमुख 5 मुद्दे
1- लूणकरनसर में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की जरूरत। ट्रोमा सेन्टर की मांग अरसे से।
2- लूणकरनसर उपखण्ड मुख्यालय व नापासर जैसे बड़े कस्बे में नगरपालिका बनाने का मुद्दा।
3- उपखण्ड मुख्यालय पर दमकल की सुविधा हो।
4- किसानों को सिंचाई का पूरा पानी व नलकूप सिंचित इलाके में गुणवत्ता पूर्ण बिजली आपूर्ति।
5- लूणकरनसर की नमक की झील का संरक्षण कर पर्यटन के रूप में विकसित करने की दरकार।


आंकड़ों में जानिए लूणकरनसर विस क्षेत्र

कुल मतदाता - 259427

महिला - 121312

पुरुष - 138110

ट्रांसजेंडर - 5

कुल बूथ - 234

संवेदनशील बूथ - 55

अति संवेदनशील बूथ - 48

5 साल में बढ़े मतदाता - 34495