
Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : भाजपा ने 4 हजार मतों से जीती थी शाहाबाद सीट, फिर टक्कर में विपक्ष
हरदोई (पत्रिका न्यूज नेटवर्क). Uttar Pradesh Assembly Election 2022 में दल-बदल करने वाले नेताओं की बात करें तो हरदोई जिले का कोई मुकाबला नहीं हैं। शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र (Shahabad Assembly constituency) की भाजपा विधायक रजनी तिवारी कभी बसपा से विधायक रह चुकी हैं लेकिन मोदी लहर में भाजपाई हो गईं। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद सभी दलों में टिकट के लिए मारामारी है। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार हरदोई जिले की सभी सीटों पर चौथे चरण में चुनाव होगा। मतदान 23 फरवरी को होगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतने के लिए चुनावी गणित बिठाए जाने लगे हैं। इनमें दलों की सीमाएं तोड़ते हुए विधायक व नेता टिकट की चाहत में दल बदलने लगे हैं। हरदोई में भी दल बदलने की परंपरा चली आ रही है। जिले की आठ विधानसभा सीटों में से सात पर भाजपा का कब्जा है। शाहाबाद विधानसभा सीट (Shahabad Assembly constituency) से भाजपा की विधायक रजनी तिवारी इसके पहले बसपा में थीं और वे बसपा के सिंबल पर विधायक भी रह चुकी हैं। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की और भाजपा ने उन्हें वर्ष 2017 के चुनाव में शाहाबाद से टिकट दिया। चुनाव में भाजपा की हवा चली और वे विधायक चुन ली गईं। उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार आसिफ खान को हराया था। रजनी तिवारी को 99624 मत मिले थे जबकि दूसरे नंबर पर रहे आसिफ खान को 95364 वोट मिले थे। रजनी तिवारी ने यह सीट 4260 मतों के अंतर से जीती थी। रजनी तिवारी वर्ष 2008 के उप चुनाव में विधायक बनीं थी। यह सीट उनके पति उपेंद्र तिवारी के निधन से खाली हुई थी।
वर्ष 2022 में होगी टक्कर
Uttar Pradesh Assembly Election 2022 की घोषणा के बाद अब फिर से मतदाता विधायक चुनेंगे। यहां चौथे चरण के अंतर्गत 23 फरवरी को मतदान होगा। Shahabad Assembly constituency भाजपा इस किसी भी सूरत में अपना कब्जा बरकरार रखने की कोशिश में है जबकि बसपा और सपा इसे छीनने की कोशिश करेंगे लेकिन उम्मीदवारों की घोषणा के बाद ही चुनावी तस्वीर कुछ साफ हो सकती है। वर्तमान में स्थिति यह है कि एक-एक दल के कई-कई दावेदार मैदान में समर्थन जुटाने के लिए दौड़भाग कर रहे हैं लेकिन Uttar Pradesh Assembly Election 2022 में पार्टी इनमें से किसी एक को ही टिकट देगी। संभव है कि टिकट न मिलने से कुछ लोग पाला बदल लें या फिर बागी होकर चुनाव मैदान में उतरें।
ये हैं क्षेत्र के मुख्य मुद्दे
शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र (Shahabad Assembly constituency) के मतदाता कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। इनकी समस्याएं मूलत: शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी हैं। आवागमन में सार्वजनिक साधनों की कमी गरीब तबके के लोगों को अधिक परेशान करती है। बच्चों की बेहतर पढ़ाई के लिए एकमात्र सरकारी स्कूल ही सहारा हैं। हालांकि ऐसी समस्याएं कभी चुनावी मुद्दे नहीं बन पाते हैं।
Published on:
11 Jan 2022 12:23 pm
बड़ी खबरें
View Allचुनाव
ट्रेंडिंग
