
Tamil Nadu Assembly Election 2021: All about voting, polling centres amid Covid-19
चेन्नई। कोरोना वायरस महामारी के साये में दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव ( Tamil Nadu Assembly Elections 2021 ) की तैयारियां तेजी से जारी हैं। बीते 26 फरवरी को भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल, केरल, असम, पुडुचेरी समेत तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की घोषणा की थी। तमिलनाडु में आगामी 6 अप्रैल को वोटिंग होनी है, लेकिन इससे पहले प्रदेश में मौजूदा विधानसभा चुनाव से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी क्या है, जानना जरूरी है।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक कोविड-19 गाइडलाइंस के अंतर्गत तमिलनाडु में एक चरण में विधानसभा चुनाव 2021 के मतदान होंगे। बीते 12 मार्च को इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 19 मार्च है। 20 मार्च को नामांकन की स्क्रूटनी होगी और 22 मार्च तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। इसके बाद आगामी 6 अप्रैल को एक ही दिन पूरे प्रदेश में मतदान होगा और 2 मई को मतगणना के साथ ही नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
दरअसल तमिलनाडु की मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 25 मई 2016 को शुरू हुआ था और आगामी 24 मई को खत्म हो रहा है। तमिलनाडु में कुल 234 विधानसभा हैं और इनमें 44 अनुसूचित जाति के लिए जबकि 2 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। बीते 1 जनवरी को प्रकाशित निर्वाचक नामावली के मुताबिक तमिलनाडु में कुल 6 करोड़ 28 लाख 23 हजार 749 मतदाता है। इनमें 27 लाख 47 हजार 653 आम मतदाता, 72,853 सर्विस वोटर और 3,243 विदेशी मतदाता शामिल हैं। मतदान के दौरान प्रदेश में फोटो निर्वाचक नामावली और फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र का इस्तेमाल किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने कोरोना महामारी के मद्देनजर एक पोलिंग स्टेशन पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या को 1,500 से घटाकर 1,000 कर दिया है। इसके चलते तमिलनाडु में इस बार 88,936 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। यह वर्ष 2016 के मतदान केंद्र (66,007) से 34.73 फीसदी ज्यादा हैं।
आयोग ने मतदान केंद्रों में सुनिश्चित न्यूनतम सुविधाओं को लेकर भी तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह अनुदेश जारी किए हैं कि सभी मतदान केंद्र अनिवार्य रूप से ग्राउंड फ्लोर (भूतल) पर हों और वहां तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क हो। इसके अलावा मतदान केंद्रों में न्यूनतम सुविधाएं जैसे- पेयजल, वेटिंग शेड, शौचालय, उचित रोशनी, दिव्यांग निर्वाचकों के लिए रैंप और एक आदर्श वोटिंग कंपार्टमेंट होना चाहिए।
इसके साथ ही कोविड-19 को देखते हुए सभी मतदान केंद्रों में सैनेटाइजर, थर्मल स्कैनर, साबुन आदि की भी पूरी व्यवस्था होनी जरूरी है। मतदान से एक दिन पूर्व पोलिंग स्टेशन को सैनेटाइज करना अनिवार्य रहेगा। अगर किसी मतदाता का शारीरिक तापमान थर्मल स्कैनर में केंद्र सरकार द्वारा नियत से ज्यादा आता है, तो उसकी दोबारा जांच की जाएगी और अगर फिर भी इसमें बदलाव नहीं होता, तो उसे एक टोकन दिया जाएगा कि वो मतदान के अंतिम घंटे में आकर सख्त कोविड-19 उपायों के बीच अपना वोट डाले।
कोरोना महामारी के चलते मतदान केंद्रों के बाहर उचित सोशल डिस्टेंसिंग के लिए निशान, कम से कम छह फीट की दूरी, महिला-पुरुष-बुजुर्ग/दिव्यांग के लिए अलग कतार, बिना फेस मास्क पहने आए व्यक्ति के लिए रिजर्व फेस मास्क, मतदाता रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने और ईवीएम में वोटिंग के लिए वोटर को हैंड ग्लव्स दिए जाएंगे।
Updated on:
16 Mar 2021 09:05 pm
Published on:
16 Mar 2021 08:55 pm
बड़ी खबरें
View Allचुनाव
ट्रेंडिंग
