
लखनऊ. बीजेपी के लिए पूर्वांचल क्यों अहम है इसका जवाब 2017 के विधानसभा चुनाव परिणाम और 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम को देखें तो पता चल जाएगा। बीजेपी ने पूर्वांचल की करीब 156 सीटों में से करीब 115 सीटों पर कब्जा जमाया था। वहीं 2019 के लोकसभा चुनावों में पूर्वांचल की 30 में से 21 सीटों पर बीजेपी के सांसद चुने गए। साथ ही पार्टी के सहयोगी अपना दल के भी दो सांसद चुने गए। अब इसी से अंदाजा लगा लीजिए कि बीजेपी क्यों पूर्वांचल पर फोकस कर रही है।
पश्चिमी यूपी में नुकसान की आशंका
बीजेपी के पूर्वांचल पर फोकस करने की एक वजह और है दरअसल दिल्ली के किसान आन्दोलन के चलते पश्चिमी यूपी में बीजेपी को नुकसान हो सकता है इसका अंदाजा पार्टी को है। यही वजह है कि अपना सारा ध्यान पूर्वांचल पर केन्द्रित कर रही है।
निषाद पार्टी से गठबंधन भी पूर्वांचल साधने का ज़रिया
ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा से रिश्ते खत्म होने के बाद बीजेपी पूर्वांचल में इसकी भरपाई निषाद समुदाय से करना चाहती है। आपको बता दें कि निषाद समुदाय में केवट, बिंद, मल्लाह, कश्यप, नोनिया, मांझी, गोंड समेत 22 उप जातियां आती हैं। पूर्वांचल की करीब 60 सीटों को निषाद वोट बेहद प्रभावित करता है। इतना ही नहीं कई सीटों में इनकी आबादी इतनी है कि ये हार-जीत तक तय करते हैं। बीजेपी को निषाद वोट बैंक की ताकत का अंदाजा 2018 के लोकसभा उपचुनाव में देख चुकी है जब प्रवीण निषाद ने यहां जीत दर्ज कर 25 साल से अपराजेय बीजेपी से ये सीट छीन ली थी।
Published on:
18 Dec 2021 07:29 pm
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