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Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : हरदोई सदर सीट पर दिलचस्प मुकाबले के आसार, उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस

मोदी लहर प्रदेश में ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने वाली भाजपा हरदोई सीट ( Hardoi Assembly ) नहीं जीत पाई जबकि जिले की शेष सात सीटें जीत गई। लेकिन आगामी चुनाव से पहले बदले समीकरण में यहां के सपा विधायक नितिन अग्रवाल भाजपा के सुर में सुर मिलाने लगे हैं। माना जा रहा है चुनाव के वक्त कुछ और धमाका होगा।

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लखनऊ

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Shiv Singh

Jan 10, 2022

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : हरदोई सदर सीट पर दिलचस्प मुकाबले के आसार, उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : हरदोई सदर सीट पर दिलचस्प मुकाबले के आसार, उम्मीदवारों को लेकर सस्पेंस

हरदोई (पत्रिका न्यूज नेटवर्क). जिले की आठ विधानसभा सीटों में हरदोई सदर ( Hardoi Assembly ) ही ऐसी सीट थी, जिसे वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा हार गई थी। लेकिन यूपी की राजनीति ऐसी बदली कि यहां से सपा विधायक नितिन अग्रवाल व्यवहारिक रूप से भाजपाई हो गए हैं। अब फिर चुनावी बिसात बिछने लगी है तो भाजपाइयों के बीच जहां उम्मीदवार को लेकर उत्सुकता है, वहीं सपा के टिकट के कई दावेदार मैदान में आ चुके हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा-सपा किसको मौका देती हैं।

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हरदोई जिले में चौथे चरण में चुनाव होंगे और मतदान 23 फरवरी को होगा। हरदोई में भाजपा, बसपा और समाजवादी पार्टी का प्रभुत्व है। इनमें सभी दल चुनाव के समय अपनी ताकत दिखाते रहते हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में हरदोई सदर ( Hardoi Assembly ) की सीट पर दिलचस्प मुकाबला होने के आसार नजर आ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि पिछले चुनाव में यहां से सपा के सिंबल पर विधायक बने नितिन अग्रवाल के सपा नेतृत्व के साथ रिश्ते बिगड़ गए, तो वे भाजपा के समर्थन से विधानसभा उपाध्यक्ष निर्वाचित हो गए। नितिन अग्रवाल के पिता नरेश अग्रवाल हरदोई सीट से कई बार विधायक व मंत्री रहें हैं। वर्ष 2008 के उपचुनाव में पहली बार नितिन अग्रवाल विधायक बने और वर्ष 2012 में पुन: निर्वाचित होकर अखिलेश सरकार में मंत्री भी बने।
वर्ष 2017 के चुनाव में सपा के सिंबल पर नितिन अग्रवाल 97735 वोट पाकर विधायक बने थे जबकि दूसरे नंबर पर भाजपा के राजाबख्श सिंह रहे। इन्हें 92626 वोट मिले। बसपा के धर्मवीर सिंह तीसरे स्थान पर रहे और उन्हें 30628 मत मिले।

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अब आगामी विधानसभा चुनाव की लेकर हरदोई सदर (Hardoi Assembly) की सीट को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। भाजपा और समाजवादी पार्टी जैसे प्रमुख दलों ने अभी तक उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। इससे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में उम्मीदवार को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। इनमें हाल ही में भाजपा से सपा में आए एक पूर्व विधायक भी दावेदार हैं।
वर्ष 2022 के चुनाव में क्या होगा
भारतीय जनता पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में जिले की आठ में से सात सीटों पर जीत दर्ज की थी लेकिन यही हरदोई सीट (Hardoi Assembly ) हार गई थी। Uttar Pradesh Assembly Election 2022 में भाजपा जिले की सभी आठ सीटों पर अपनी विजय पताका फहराना चाहती है। वहीं सपा के सामने हरदोई सदर की सीट बचाने की बड़ी चुनौती है, क्योंकि नितिन अग्रवाल के पिता नरेश अग्रवाल हरदोई के दिग्गज नेताओं में शुमार है। वर्तमान में भाजपा व सपा कार्यकर्ता उम्मीदवारों को लेकर कयास लगा रहे हैं। टिकट के लिए कई दावेदार दौड़भाग कर रहे हैं।
ये हैं क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे
हरदोई में मेडिकल कॉलेज बन रहा है। इससे लोगों में खुशी तो है लेकिन जिला अस्पताल में चिकित्सा सुविधाएं बेहतर नहीं हैं। कई दशकों से बंद चीनी को खुलवाने के लिए भाजपा शासन में मांग उठी लेकिन यह मांग पूरी नहीं हो पाई है। हरदोई नगर पालिका का कार्यक्षेत्र बढ़ाने के लिए सालों से प्रस्ताव लंबित है लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिल पाई। ऐसे में हरदोई देहात ग्राम पंचायत को हरदोई नगर पालिका में शामिल करने की मांग करने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। इनका कहना है कि ऐसा करने से ही सुविधाएं मिल पाएंगी। हालांकि सड़कों के मामले में लोगों का कहना है कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक मार्ग पहले से तो थोड़ा अच्छा हुआ है।