
UP Election : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (UP Assembly Elections 2022) को लेकर चुनाव आयोग (Election Commission) ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही यूपी में चुनावी बिगुल भी बज गया। अब हर दल इस बात की जोर आजमाइश करेगा कि पूर्ण बहुमत लेकर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाई जाए। चुनाव में वोट बैंक बढ़ाने के लिए भी नए-नए हथकंडे अपनाए जाएंगे। सभी की नजर अधिक से अधिक वोट शेयर के साथ मैजिक नंबर 202 पर पहुंचने की होगी। वहीं, 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा अपने दम पर 312 सीट जीतकर इतिहास कायम किया था। उस दौरान कोई भी दल दो अंकों के आंकड़े को पार नहीं कर सका था। लेकिन, इस बार सपा-रालोद, बसपा और कांग्रेस पुरानी यादों को भुलाकर जादुई आंकड़े तक पहुंचने की तिकड़म में लगा है।
यूपी में विधानसभा चुनावों की बात की जाए तो कुल 403 सीटों पर चुनाव लड़ा जाना है। जिसमें से 202 सीट जीतने वाले दल को सरकार बनाने का मौका मिलेगा। 2017 में हुए यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने सहयोगी दलों के साथ 325 सीट जीती थीं, जिसमें से भाजपा ने अकेले अपने दम पर 312 सीट जीतने में कामयाबी पाई थी। पिछले चुनाव में मोदी लहर का ही नतीजा था कि भाजपा यूपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरा था।
सपा-कांग्रेस का गठबंधन भी महज 54 सीटों पर सिमटा
वहीं, समाजवादी पार्टी की बात करें तो 2017 में उसने कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था और ये गठबंधन महज 54 सीट ही हासिल कर सका था। जबकि समाजवादी पार्टी 47 सीट पर सिमटकर रह गई थी तो कांग्रेस के खाते में केवल 7 सीट आ सकी थीं। इसी तरह 2017 में बसपा 19 सीट जीतकर तीसरे स्थान पर रही थी। वहीं, अपना दल (सोनेलाल) ने 9 तो भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी ने 4 सीटें जीती थीं।
सीटों में दूसरे नंबर तो वोट प्रतिशत में तीसरे नंबर पर थी सपा
यूपी विधानसभा चुनाव 2017 के वोट शेयर की बात की जाए तो सीटों के साथ सर्वाधिक वोट शेयर भी भाजपा को ही मिला था। 2017 के यूपी चुनाव में बीजेपी को 39.7 प्रतिशत वोट मिले थे। जबकि दूसरे नंबर पर रहने वाली समाजवादी पार्टी वोट शेयर के मामले में तीसरे नंबर पर रही थी। 2017 में सपा को महज 21.8 प्रतिशत वोट मिले थे। जबकि बसपा का वोट प्रतिशत 22.2 रहा था। वहीं कांग्रेस की बात करें तो वह वोट शेयर में दहाई के अंक तक नहीं पहुंच सकी। 2017 में कांग्रेस का वोट प्रतिशत महज 6.2 था। इसी तरह अपना दल का वोट प्रतिशत 1.0 तो भारतीय सुहेलदेव एक प्रतिशत वोट भी नहीं ले सकी थी।
Published on:
08 Jan 2022 04:09 pm
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