UP Assembly Election 2022: एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि 10 फरवरी को पहले चरण का मतदान संपन्न होने के बाद सभी 3392 ईवीएम मशीन को गाजियाबाद के गोविंदपुरम स्थित अनाज मंडी में बनाए गए स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है।
UP Assembly Election 2022: जिले की पांचों विधानसभा सीट के लिए पहले चरण में 10 फरवरी को हुए मतदान के बाद अब सभी ईवीएम मशीन कड़ी सुरक्षा के बीच गाजियाबाद की गोविंदपुरम स्थित अनाज मंडी में सुरक्षित रखी गई है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने यहां तीन घेरों में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। ईवीएम मशीनों को गोविंदपुरम स्थित अनाज मंडी में रखे जाने के बाद वही स्ट्रांग रूम बनाया गया है।
पांचों विधानसभा के सभी 52 प्रत्याशियों की किस्मत पर 3 चरण का कड़ा सुरक्षा पहरा लगाया गया है। जिसमें स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। वहीं मंडी परिसर की सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मियों की 12-12 घंटे की डयूटी लगाई गई है।ताकि स्ट्रांग रूम के आस पास कोई भी ना पहुंच सके। इसके अलावा अनाज मंडी परिसर में स्ट्रांग रूम से लेकर मेन गेट तक 54 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। ताकि इन कैमरों के माध्यम से हर तरह की गतिविधि पर नजर रखी जा सके। इतना ही नहीं यदि कोई प्रत्याशी स्थिति का जायजा लेने जाता है। तो वह अनुमति लेकर स्ट्रांग रूम की सुरक्षा का काफी दूर से ही जायजा ले सकेंगे।
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि 10 फरवरी को पहले चरण का मतदान संपन्न होने के बाद सभी 3392 ईवीएम मशीन को गाजियाबाद के गोविंदपुरम स्थित अनाज मंडी में बनाए गए स्ट्रांग रूम में सुरक्षित रखा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से 54 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा तीन चरणों में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। जिसके तहत पहले चरण में स्ट्रांग रूम केआसपस केवल सीआरपीएफ के जवान ही लगाए गए हैं। इसके अलावा आउटर सर्कल में 10 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। इनमें दो-दो पुलिसकर्मियों की टीम स्ट्रांग रूम के चारों तरफ और दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी गेट पर लगाई गई है।
एसपी सिटी ने बताया कि इसके अलावा दमकल विभाग की टीम भी वहां मौजूद है और ड्यूटी वाले सुरक्षाकर्मियों के अलावा किसी को भी वहां जाने की इजाजत नहीं है। यदि कोई प्रत्याशी स्थिति का जायजा लेना चाहता है, तो उसे भी पहले अनुमति लेनी होगी और वह भी निर्धारित दूरी से ही जायजा ले सकेगा।
उन्होंने बताया कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की व्यवस्था का रोजाना राजपत्रित अधिकारी जायजा लेंगे और सीओ स्तर के अधिकारियों को भी इसकी जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा बीच-बीच में थानाध्यक्ष भी मौके का जायजा लेते रहेंगे। ताकि स्ट्रांग रूम के आसपास किसी भी तरह की किसी भी तरह की सुरक्षा में कोई चूक ना रह सके।