
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव
तृणमूल कांग्रेस के प्रति एकजुटता की अभिव्यक्ति के रूप में पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों में न लड़ने की औपचारिक घोषणा के बावजूद आम आदमी पार्टी (आप) के 13 उम्मीदवारों ने विभिन्न स्तरों के लिए अब तक नामांकन दाखिल किया है। AAP के 13 उम्मीदवारों में से नौ ग्राम पंचायत स्तर के लिए और चार पंचायत समिति स्तर के लिए चुनाव मैदान में हैं। हालांकि, पंचायत व्यवस्था के सर्वोच्च स्तर जिला परिषद के लिए पार्टी की ओर से कोई नामांकन दाखिल नहीं किया गया है। हालांकि पंचायत प्रणाली में सीटों की कुल संख्या की तुलना में यह संख्या नगण्य है। पर इससे पश्चिम बंगाल में AAP नेतृत्व को शर्मिदगी उठानी पड़ी है। खासकर तब जब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने पहले ही इन चुनावों से दूर रहने की घोषणा कर दी थी।
चुनाव आयोग से करेंगे अपील रद करें पर्चा
पश्चिम बंगाल के लिए AAP के केंद्रीय पर्यवेक्षक संजय बसु ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल राज्य चुनाव आयोग से अपील करेंगे कि इन 13 उम्मीदवारों के नामांकन को जांच के बाद रद्द कर दिया जाए क्योंकि इन नामांकनों पर पार्टी नेतृत्व का समर्थन नहीं है।
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सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू
संजय बसु ने कहा, हम एक राष्ट्रीय पार्टी हैं और पार्टी के समर्थन के बिना कोई कैसे नामांकन दाखिल कर सकता है। हम उनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। यदि वे पार्टी के सदस्य हैं तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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प्रमाणपत्र कैसे मिला इसकी होगी जांच
पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव के लिए 8 जुलाई को वोटिंग होगी। 8 जून को जब पंचायत चुनावों के लिए मतदान की डेट की घोषणा के तुरंत बाद आप नेतृत्व ने तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देते हुए चुनाव न लड़ने की घोषणा की। जिन 13 उम्मीदवारों ने नामाकंन दाखिल किया है। उनकी आंतरिक जांच शुरू हो गई है। सवाल यह है कि कैसे इन उम्मीदवारों ने पार्टी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने के लिए प्रमाणपत्र हासिल किया।
Updated on:
17 Jun 2023 05:02 pm
Published on:
17 Jun 2023 05:00 pm
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