
Electric Vehicle
Electric Vehicle: देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल की डिमांड लगातार बढ़ रही है, आये दिन नये-नए मॉडल्स के आने से EV सेगमेंट अब गुलजार होने लगा है। समय की मांग तो देखते हुए अब लोग इलेक्ट्रिक वाहनों में इन्वेस्ट करने लगे हैं। सरकार की तरफ से ग्राहकों को इन वाहनों पर फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स(FAME II) योजना का भी लाभ मिल रहा है। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक अगले वित्तीय वर्ष के बाद भारत में 10,000 करोड़ रुपये के FAME II योजना के दूसरे चरण को बंद कर सकता है। सरकार इस पीएलआई कार्यक्रम के तहत पहले ही ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स कंपनियों के लिए 25938 करोड़ रुपए दे चुकी है। इस सेग्मेंट के तहत 115 कंपनियां आवेदन कर चुकी हैं। इसमें से 5 ऑटो ओरिजिनल इक्विपमेंट मैनुफैक्चरर्स ने स्कीम को दोनों चरणों के तहत आवेदन किया था।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (फेम) योजना शुरू की थी। इसे अगले वित्त वर्ष से बंद कर दिया जाएगा। दरअसल मिनिस्ट्री ऑफ हैवी इंडस्ट्रीज ने योजना के तहत सब्सिडी हासिल करने के लिए दोपहिया इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनियों की धोखाधड़ी के कुछ मामले पकड़े हैं। कुछ मामलों में इसने सब्सिडी रोक दी।
बढ़ाने की योजना नहीं:
फेम के दूसरे चरण का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष के आखिरी तक हासिल हो जाएगा और अब इसे आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। फेस के दूसरे चरण की योजना को पीएलआई स्कीम से रिप्लेस किया जाएगा। इसमें मैन्युफैक्चरर्स के स्तर पर फायदा दिया जाएगा। फेम के दूसरे चरण में गाड़ियों के बिक्री के स्तर पर सब्सिडी दी जाती है लेकिन पीएलआई स्कीम के तहत ऑटो कंपोनेंट्स को बनाने के स्तर पर ही फायदा दे दिया जाएगा।
40 फीसदी डिस्काउंट:
फेम योजना के तहत कंपनियां देश में ही बनी गाड़ियों की लागत पर ग्राहकों को 40% तक डिस्काउंट दे सकती हैं और यह डिस्काउंट सब्सिडी के रूप में सरकार से उन्हें मिलता है। फेम के दूसरे चरण का लक्ष्य 10 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 7 हजार बसों को सपोर्ट करने की है। फेम योजना के तहत इस महीने के आखिरी तक करीब 8 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया सड़कों पर उतर सकती हैं।
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Published on:
09 Mar 2023 10:34 am
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