13 अगस्त 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

28 की उम्र में पॉपुलर इन्फ्लुएंसर मिचील वांडेवीर्ट की गई जान, दुर्लभ बीमारी प्रोजेरिया से हुआ निधन

Content Creator Michiel Vandeweert Death: कंटेंट क्रिएटर मिचील वांडेवीर्ट का 28 साल की उम्र में निधन हो गया है। दुर्लभ बीमारी के चलके इन्फ्लुएंसर की जान चली गई।
3 min read
Google source verification
Popular Influencer Michiel Vandeweert Death

मिचील वांडेवीर्ट का हुआ निधन (फोटो सोर्स- Instagram/michielvandeweert & IMDb)

Popular Influencer Michiel Vandeweert Death: बेल्जियम के लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और गेमर मिचील वांडेवीर्ट का 28 साल की उम्र में निधन हो गया। दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी प्रोजेरिया से जूझ रहे मिचील की जिंदगी की कहानी अब सिर्फ उनके देश बेल्जियम तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत, अमेरिका, मैक्सिको, इटली, नॉर्वे और कई दूसरे देशों में भी चर्चा का विषय बन गई है। बचपन में डॉक्टरों ने उनकी जिंदगी को लेकर बेहद कम उम्मीद जताई थी, लेकिन मिचील ने तमाम मुश्किलों के बावजूद अपनी जिंदगी को अपनी शर्तों पर जिया।

डॉक्टरों ने 12 साल की उम्र तक की थी उम्मीद

मिचील वांडेवीर्ट को प्रोजेरिया नाम की बेहद दुर्लभ बीमारी थी। इस बीमारी में शरीर में उम्र बढ़ने की प्रक्रिया सामान्य से कहीं ज्यादा तेजी से होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बचपन में डॉक्टरों ने उनके परिवार को बताया था कि वह शायद 12 साल की उम्र से आगे नहीं जी पाएंगे। लेकिन मिचील ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया और 28 साल की उम्र तक जिंदगी का सफर तय किया।

यही वजह है कि उनके निधन के बाद उनकी कहानी दुनियाभर में सुर्खियां बटोर रही है। कई विदेशी मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें प्रोजेरिया के साथ सबसे अधिक उम्र तक जीवित रहने वाले लोगों में से एक बताया गया है। बता दें, साल 2009 में आई अमिताभ बच्चन की फिल्म 'पा' में भी उन्हें इसी बीमारी से पीड़ित दिखाया गया था।

गेमिंग और सोशल मीडिया ने दी नई पहचान

बीमारी को अपनी पहचान बनने देने के बजाय मिचील ने सोशल मीडिया और गेमिंग की दुनिया को अपना मंच बनाया। उन्होंने ऑनलाइन कंटेंट के जरिए लोगों से जुड़ना शुरू किया और देखते ही देखते उनका एक बड़ा प्रशंसक वर्ग तैयार हो गया। गेमिंग, स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए वह अपनी जिंदगी के अनुभव लोगों के साथ साझा करते थे।

उनकी खासियत सिर्फ उनका कंटेंट नहीं बल्कि उनका सकारात्मक नजरिया भी था। मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद वह लोगों के सामने हंसते-मुस्कुराते नजर आते और अपनी जिंदगी को लेकर खुलकर बात करते थे। यही अंदाज उन्हें दूसरे कंटेंट क्रिएटर्स से अलग बनाता था।

KRC Genk फुटबॉल क्लब के थे बड़े प्रशंसक

मिचील को फुटबॉल का भी खास शौक था। वह बेल्जियम के फुटबॉल क्लब KRC Genk के समर्थक थे। उनके जीवन की आखिरी इच्छा भी इसी क्लब से जुड़ी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह चाहते थे कि उनके निधन के बाद उन्हें उनके पसंदीदा क्लब के स्टेडियम में अंतिम विदाई दी जाए।

उनकी इस इच्छा को पूरा किया गया। बताया गया कि KRC Genk के स्टेडियम के मैदान पर पहली बार किसी की अंतिम विदाई आयोजित की गई, जिससे मिचील का क्लब से जुड़ाव और भी खास बन गया।

भारत समेत कई देशों में छाई कहानी

मिचील के निधन की खबर अमेरिका के मशहूर एंटरटेनमेंट मीडिया से लेकर भारत तक पहुंची। अमेरिकी मीडिया ने उनकी बीमारी और जीवन संघर्ष को प्रमुखता से बताया। भारत में भी उनकी कहानी ने लोगों का ध्यान खींचा। कई भारतीय मीडिया रिपोर्ट्स ने इस बात को रेखांकित किया कि उन्होंने कम जीवन प्रत्याशा की भविष्यवाणी को पीछे छोड़ते हुए अपनी अलग पहचान बनाई।

इटली में उनकी तुलना प्रोजेरिया से पीड़ित रहे सैमी बासो से भी की गई, जिनका 2024 में 28 साल की उम्र में निधन हुआ था। इसके अलावा मैक्सिको, ब्राजील, ग्वाटेमाला, पोलैंड, स्पेन, नॉर्वे और यहां तक कि कैरेबियाई द्वीप अरूबा के मीडिया में भी मिचील की कहानी प्रकाशित हुई।

लोगों को जिंदगी जीने की दी प्रेरणा

मिचील वांडेवीर्ट की कहानी सिर्फ बीमारी से संघर्ष की कहानी नहीं है। यह उस जज्बे की कहानी है जिसमें एक इंसान अपनी सीमाओं को अपनी पहचान नहीं बनने देता। जिस उम्र को लेकर बचपन में आशंकाएं जताई गई थीं, उससे कहीं आगे जाकर उन्होंने जिंदगी को महसूस किया, लोगों से जुड़े, गेमिंग और सोशल मीडिया के जरिए अपनी कम्युनिटी बनाई और लाखों लोगों तक अपनी सकारात्मक सोच पहुंचाई।

28 साल की उम्र में उनका निधन जरूर हो गया, लेकिन उनकी कहानी अब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को प्रेरित कर रही है। मिचील ने यह दिखाया कि जिंदगी की लंबाई हमेशा हमारे हाथ में नहीं होती, लेकिन उसे किस तरह जिया जाए, यह फैसला काफी हद तक हमारा हो सकता है।