
रेटिंग-3/5
बॉलीवुड में हर साल तकरीबन 150 फिल्में बनती हैं। इनमें से बहुत-सी फिल्में मनोरंजन तो करती हैं, लेकिन दिल को छूने वाली फिल्में गिनी-चुनी ही होती हैं। स्वरा भास्कर अभिनीत 'निल बटे सन्नाटा' ऐसी ही फिल्म है, जो सीधे दिल में उतरती है।
फिल्म की कहानी आगरा शहर की है, जहां दूसरों के घरों में काम करने वाली बाई चंदा (स्वरा) बेटी अपेक्षा (रिया शुक्ला) के साथ रहती है। जब अपेक्षा 10वीं में आती है, तो चंदा को फिक्र होने लगती है, क्योंकि अपेक्षा को गणित की मिस्ट्री समझ नहीं आती यानी वह गणित में जीरो है।
चंदा जिनके घर काम करती है, वे उसे एक सलाह देती हैं, जिस पर अमल करते हुए चंदा उसी स्कूल में एडमिशन लेती है, जहां उसकी बेटी पढ़ती है। इसके बाद कहानी में कई दिलचस्प मोड़ आते हैं। ट्विस्ट्स और टर्न के साथ कहानी लोगों के दिलों के तार छूते हुए अंजाम तक पहुंचती है।
'रांझणा', 'तनु वेड्स मनु', 'प्रेम रतन धन पायो' जैसी मूवीज में सपोर्टिंग रोल में उम्दा अभिनय करने वाली स्वरा ने 'निल...' में 15 वर्षीय बेटी की मां का किरदार बखूबी निभाया है। स्वरा भी नवाजुद्दीन सिद्दीकी, राधिका आप्टे जैसे कलाकारों की तरह अपनी एक्टिंग से लगातार प्रभावित कर रही हैं।
रिया ने उनकी बेटी के रोल में कहानी के मुताबिक अच्छा काम किया है। रत्ना पाठक का रोल छोटा है, लेकिन दिलचस्प है, जिसे उन्होंने अच्छे से निभाया है। पंकज त्रिपाठी ने कमाल के अभिनय से अपने किरदार में जान फूंक दी है। अश्विनी अय्यर तिवारी ने डायरेक्शन की कमान बखूबी संभाली है।
उन्होंने हर किरदार को खूबसूरती से गढ़ा है। मां-बेटी की तकरार, स्कूल में व्यवहार जैसे दृश्यों को आकर्षक बनाया है। साथ ही फिल्म में लोकेशंस का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए कहानी को अच्छे ढंग से प्रजेंट किया है। बैकग्राउंड स्कोर भी कहानी का साथ देता है।
फिल्म में बॉलीवुड की कमर्शियल फिल्मों जैसे मसाले तो नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद फिल्म बांधे रखती है। बहरहाल, अगर आप लीक से हटकर फिल्में देखने के शौकीन हैं, तो मां-बेटी के रिश्ते और पढ़ाई पर केन्द्रित 'निल बट्टे सन्नाटा' आपके लिए अच्छा विकल्प है।
स्टार कास्ट : स्वरा भास्कर, रिया शुक्ला, पंकज त्रिपाठी, रत्ना पाठक शाह
डायरेक्शन : अश्विनी अय्यर तिवारी
Published on:
23 Apr 2016 12:13 pm
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