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370 बिरयानी विवाद पर फूटा ‘मां बहन’ स्टार्स का गुस्सा, बोले- ‘ये की गलत है’

Maa Behen actors Arunoday Singh and Geetanjali Kulkarni: हाल ही में 370 बिरयानी विवाद पर कई बॉलीवुड और टीवी स्टार्स ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए गहरा गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने इस मामले को अचानक एक "वाइल्ड वेस्ट" जैसा बताया है, जहां कानून और व्यवस्था का पालन ढीला पड़ा हुआ नजर आ रहा है।

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हिमांशु जांगड़ा और गीतांजलि कुलकर्णी

हिमांशु जांगड़ा और गीतांजलि कुलकर्णी

Maa Behen actors Arunoday Singh and Geetanjali Kulkarni: माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी और धारणा दुर्गा स्टारर फिल्म "मां बहन" इन दिनों नेटफ्लिक्स पर सुर्खियों में है। फिल्म को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है और इसकी कहानी खास तौर पर कंसेंट और महिलाओं के प्रति समाज की सोच जैसे मुद्दों को सामने लाने के लिए सराही जा रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुए 370 बिरयानी विवाद पर फिल्म के स्टार्स ने भी अपनी राय रखी है।

क्या है '370 बिरयानी' विवाद?

वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा ने कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में एक ऐसी बात कही जिसने सोशल मीडिया पर भूचाल ला दिया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने एक महिला के लिए 370 की बिरयानी खरीदी तो बदले में उससे इंटीमेसी की उम्मीद थी। ये टिप्पणी वायरल होने के बाद हिमांशु को नौकरी से निकाल दिया गया। प्रणित मोरे की भी आलोचना हुई कि उन्होंने उस वक्त आपत्ति नहीं जताई और बाद में उन्होंने माफी मांगी।

समाज को जेंडर सेंसिटिविटी की जरूरत है

फिल्म में गुप्ता आंटी का किरदार निभाने वाली गीतांजलि कुलकर्णी ने HT से बातचीत के दौरान कहा कि समाज को जेंडर सेंसिटिविटी की जरूरत है। उनका कहना था कि ये शिक्षा सिर्फ स्कूलों में नहीं बल्कि परिवारों और समुदायों में कम उम्र से ही शुरू होनी चाहिए। उन्होंने कहा, "जब तक हम इसे जल्दी शुरू नहीं करते तब तक हम एक-दूसरे पर इल्जाम लगाते रहेंगे, जो की गलत है।"

तो वहीं दूसरी ओर, अरुणोदय सिंह ने इस मामले को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि समाज को अब खुद का आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ व्यवहार ऐसे होते हैं जिन्हें सामान्य नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, कानून, सामाजिक जिम्मेदारी और जवाबदेही तीनों का संतुलन जरूरी है। अरुणोदय ने कहा कि कई बार ऐसा महसूस होता है कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर किसी भी तरह की बात आसानी से स्वीकार कर ली जाती है, जो चिंताजनक है।