Pandya Store 10 September 2021: रावी को पता चली धरा के मां बनने की बात, पाड्या परिवार क्या करेगा रावी को माफ

By: Payal Tomar
| Published: 10 Sep 2021, 10:19 AM IST
Pandya Store 10 September 2021: रावी को पता चली धरा के मां बनने की बात, पाड्या परिवार क्या करेगा रावी को माफ

Pandya Store 10 September 2021: रावी दही-हांडी प्रतियोगिता जीत जाती है। बाद में रावी को पता चलता है कि धरा मां बनने वाली है। रावी धरा को मुबारकबाद देने जाती है पर घर वाले उससे अभी भी नाराज़ है।

नई दिल्ली। आज के एपिसोड में नाच गाने के साथ दही-हांडी प्रतियोगिता की शुरुआत होती है। लड़के और लड़कियां मटकी फोड़ने के लिए पिरामिड बनाने लगते है। वहीं गौतम धरा का ज़रुरत से ज्यादा ख्याल रख रहा है। धरा अभी भी रावी की हरकत से परेशान है। धरा को टेंशन में देखकर सुमन उसे बोलती है कि वो टेंशन लेगी तो उसे भी टेंशन होगी। धरा सुमन को बोलती है कि वो टेंशन नही ले रही है।

रावी और शिवा में कौन जीतेगा प्रतियोगिता

रावी और शिवा पिरामिड में चढ़ना शुरु करते हैं। वही सब रावी और शिवा को चीयर कर रहे हैं। जहां पूरा परिवार शिवा को सपोर्ट कर रहा हैं, वही क्रिश, देव और गौमत चाहते है कि रावी प्रतियोगिता जीत जाए। देव शिवा कर पानी डालने लगता है जिससे की रावी जीत जाए। थोड़ी देर बाद ऋषिता भी रावी पर पानी डालने लगती है। प्रतियोगिता काफी रोमांचक मोड़ पर आ जाता है। रावी और शिवा दोनो मटकी फोड़ने के लिए ऊपर चढ़ जाते है। सब बेसब्री से देख रहे है कि प्रतियोगिता का विजयता कौन बनेगा।

रावी फोड़ देती है मटकी

शिवा मटकी फोड़ने जा रहा होता है की वो देखता है गौतम उसे नही रावी को जीताना चाहता है। शिवा का ध्यान गौतम पर चला जाता है और तब तक रावी मटकी फोड़ देती है। रावी के मटकी फोड़ने के बाद रावी और शिवा दोनो पिरामिड से फिसल जाते हैं और एक दूसरे के ऊपर गिर जाते हैं।

रावी को पता चलती है धरा के मां बनने की बात

धरा को भिड़ से धक्का लगने से वो गिरने लगती है। रावी धरा को गिरते हुए देख कर शिवा को पुकारती है, तभी सब धरा को गिरने से बचाते है। धरा को गिरता देख सुमन के मुंह से धरा के मां बनने कि बात निकल जाती है। सभी लोग इस बात को सुन लेते है। वही रावी को भी पता चलता है कि उस दिन जब पाड्या परिवार जश्न मना रहे थे वो धरा के मां बनने का जश्न था।

रावी धरा गले मिलती है

रावी धरा के मां बनने की बात पर धरा से गले लग जाती है। धरा रावी को बोलती है कि जब गौतम ने उसे इतने प्यार से तोहफा दिया था तो उसने वो तोहफा जला दिया, इसका तो ये मतलब है कि वो बहुत बूरे हैं। वही सुमन रावी से सारे रिशते खत्म करने की बात बोलती है। बाद में धरा की तबियत खराब देख कर पाड्या परिवार घर चला जाता है।