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परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि आज, बन चुकी है सुपरहिट फिल्म शेरशाह! सिद्धार्थ मल्होत्रा ने निभाया था किरदार

Captain Vikram Batra Martyrdom Day: परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि आज है। उनके जीवन पर आधारित सुपरहिट फिल्म शेरशाह भी बन चुकी है।
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भारत

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Harshul Mehra

Jul 07, 2026

param veer chakra hero captain vikram batra martyrdom day shershaah film based on him

परमवीर चक्र विजेता कैप्टन विक्रम बत्रा की पुण्यतिथि आज। फोटो सोर्स- वीडियो ग्रैब

Paramveer Chakra Hero Captain Vikram Batra Martyrdom Day: कारगिल युद्ध (Kargil War) के अमर नायक और परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा (captain vikram batra) की आज पुण्यतिथि है। इस अवसर पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी जा रही है। कई नेताओं और गणमान्य लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए उनके अदम्य साहस और बलिदान को याद किया। कैप्टन बत्रा की वीरता की कहानी सिर्फ भारतीय सेना तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनकी जिंदगी पर बनी फिल्म 'शेरशाह' ने भी करोड़ों लोगों को प्रेरित किया।

पहले जानिए कैप्टन विक्रम बत्रा के बारे में

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैप्टन विक्रम बत्रा का जन्म 9 सितंबर 1974 को हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में हुआ था। बचपन से ही उनके भीतर देशसेवा का जज्बा था। भारतीय सैन्य अकादमी से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह 13 जम्मू-कश्मीर राइफल्स में शामिल हुए और जल्द ही अपनी बहादुरी से अलग पहचान बना ली।

कारगिल युद्ध में दिखाया अद्भुत साहस

साल 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा ने दुश्मन के कब्जे से कई रणनीतिक चोटियों को मुक्त कराने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पॉइंट 5140 और पॉइंट 4875 जैसी बेहद कठिन चोटियों पर तिरंगा फहराकर भारतीय सेना का परचम लहराया। उनके नेतृत्व और साहस ने युद्ध का रुख बदलने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

'ये दिल मांगे मोर' बना जज्बे की पहचान

कारगिल युद्ध के दौरान विजय हासिल करने के बाद कैप्टन विक्रम बत्रा का संदेश 'ये दिल मांगे मोर' पूरे देश में गूंज उठा। यह सिर्फ एक संवाद नहीं, बल्कि उनके साहस, आत्मविश्वास और देशभक्ति की पहचान बन गया। आज भी यह वाक्य युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित करता है।

साथी अधिकारी की जान बचाते हुए हुए शहीद

7 जुलाई 1999 को पॉइंट 4875 पर लड़ाई के दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा अपने साथी अधिकारी लेफ्टिनेंट नवीन को बचाने के लिए आगे बढ़े। दुश्मन की लगातार गोलीबारी के बीच उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की। इसी दौरान उन्हें गोली लगी और वह मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए।

परमवीर चक्र से किया गया सम्मानित

देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया। यह भारत का सर्वोच्च सैन्य सम्मान है, जो असाधारण वीरता के लिए दिया जाता है।

'शेरशाह' में बड़े पर्दे पर जीवंत हुई कहानी

कैप्टन विक्रम बत्रा के जीवन पर आधारित फिल्म 'शेरशाह' ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। इस फिल्म में अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा (sidharth malhotra) ने कैप्टन विक्रम बत्रा का किरदार निभाया। फिल्म में उनके बचपन, भारतीय सैन्य अकादमी में प्रशिक्षण, सेना में शामिल होने, कारगिल युद्ध के पराक्रम और निजी जीवन को भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है।

डिंपल चीमा संग प्रेम कहानी ने भी छुआ दिल

फिल्म 'शेरशाह' में कैप्टन विक्रम बत्रा और डिंपल चीमा की प्रेम कहानी को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। यह कहानी बताती है कि देश के प्रति समर्पण के साथ-साथ उनके जीवन में रिश्तों की भी अहम भूमिका थी।

आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा हैं कैप्टन विक्रम बत्रा

कैप्टन विक्रम बत्रा का जीवन साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनकी वीरता की गाथा आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। कारगिल के इस शेर का नाम भारतीय इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।