
FWICE on Diljit Dosanjh Satluj Controversy: भारत में Zee5 से रिलीज के 48 घंटों बाद अचानक हटाए जाने पर दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब, फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के प्रेसिडेंट बीएन तिवारी ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्टर की फिल्मों के चुनाव पर सवाल उठाए और कहा कि कलाकारों को प्रोजेक्ट्स चुनते समय अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का ध्यान रखना चाहिए।
IANS से खास बातचीत में तिवारी ने कहा कि ऐसी फिल्मों की बारीकी से जांच होनी चाहिए जिनसे अशांति फैलने का खतरा हो। साथ ही, उन्होंने यह भी सवाल किया कि अगर 'सतलुज' सर्टिफिकेशन प्रोसेस से गुजर चुकी थी, तो उसे रिलीज करने की इजाजत क्यों दी गई।
"असल में, अगर कोई चीज समाज में समस्या पैदा करती है, तो ऐसे कंटेंट की बारीकी से समीक्षा होनी चाहिए। सिनेमा मनोरंजन के लिए होता है और उसमें कुछ जानकारी भी होती है, लेकिन अगर सरकार बार-बार दखल देती है या सेंसर बोर्ड को कोई दिक्कत लगती है, तो इसका मतलब है कि उसमें कुछ ऐसी चीजें थीं जो आम जनता के देखने के लिए सही नहीं थीं।"
उन्होंने आगे कहा, "भले ही फिल्म सेंसरशिप से पास हो गई हो, और बाद में भारत सरकार को लगे कि इससे गलत जानकारी फैल सकती है, सामाजिक सद्भाव बिगड़ सकता है, या नुकसान पहुंचाने वाले लोग इसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, तो ऐसी फिल्मों को पहले ही रोक देना चाहिए। मुझे समझ नहीं आता कि इतने सारे कट और सेंसरशिप प्रोसेस से गुजरने के बाद भी फिल्म पर दोबारा विचार क्यों किया जा रहा है। सेंसर बोर्ड को शुरू में ही सभी चिंताओं पर ध्यान देना चाहिए था। एक बार मंज़ूरी मिलने के बाद फिल्म रिलीज होनी चाहिए, क्योंकि प्रोड्यूसर का बहुत सारा पैसा लगा होता है। अगर सभी जरूरी कट पहले ही कर दिए गए हैं, तो बाद में फिल्म को रोकने का कोई मतलब नहीं है। या तो इसे मंजूरी देकर रिलीज किया जाना चाहिए या सेंसरशिप के स्टेज पर ही रिजेक्ट कर देना चाहिए।"
बीएन तिवारी ने दिलजीत दोसांझ के विवादित फिल्में करने के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि एक्टर को अपनी पब्लिक इमेज और असर का ध्यान रखना चाहिए। "मुझे बहुत हैरानी है कि दिलजीत दोसांझ विवादित फिल्में क्यों चुनते हैं। उन्हें ऐसे फैसलों के असर को समझना चाहिए। वो पंजाब के सुपरस्टार हैं और उन्हें सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए ताकि उनकी छवि पर बुरा असर न पड़े। आज दुनिया भर में उनके बहुत सारे फैंस हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि एक्टर्स को सिर्फ पैसों के लिए प्रोजेक्ट्स नहीं लेने चाहिए और देश के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। "मेरी समझ से, एक आर्टिस्ट की यह भी जिम्मेदारी है कि वह सिर्फ़ पैसे या किसी और वजह से फिल्में न करे। 'देश पहले' वाली सोच रखनी चाहिए। "दिलजीत दोसांझ बहुत अच्छे कलाकार हैं और देश के प्रति उनकी जिम्मेदारी भी है। लेकिन विवादित विषयों पर फिल्म साइन करने से पहले उन्हें एक बार जरूर सोचना चाहिए।"
इसे हटाने के बाद, Zee5 ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया, "मौजूदा हालात को देखते हुए, 'सतलुज' फिल्म अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। हम सही प्रक्रिया अपनाकर हर उचित तरीके से इस फिल्म को जल्द से जल्द अपने दर्शकों तक वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" Zee5 की टीम ने फिल्म पर दर्शकों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के लिए शुक्रिया भी अदा किया और कहा कि वो फिल्म और उसके क्रिएटिव विजन के साथ मजबूती से खड़े हैं।
हनी त्रेहान की डायरेक्ट की हुई फिल्म 'सतलुज', मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है। ये फिल्म बीते शुक्रवार (3 जुलाई) को भारत में Zee5 पर रिलीज हुई थी, लेकिन रविवार (5 जुलाई) को इसे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया, जिससे दर्शक हैरान रह गए।
Updated on:
06 Jul 2026 09:25 pm
Published on:
06 Jul 2026 09:25 pm
