20 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

3 दिन तक अस्पताल में कोई मिलने नहीं आया! पूजा चोपड़ा की मां ने सुनाई बेटी पैदा होने की दर्दनाक सजा

Actor Pooja Chopra Mother Reveals: एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा की मां नीरा चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में अपने संघर्ष की वो कहानी शेयर की जो रुला देती है। नीरा बताती हैं कि जब पूजा का जन्म हुआ तो ससुराल वालों ने बेटी होने पर उन्हें घर से निकाल दिया।

2 min read
Google source verification
एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा की मां नीरा

एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा की मां नीरा (this photo from instagram: bollywoodfive)

Actor Pooja Chopra Mother Reveals: रियलिटी शो 'तुम हो ना घर की सुपरस्टार' में मिस इंडिया 2009 और एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा की मां नीरा ने अपनी जिंदगी का ऐसा दर्दनाक चैप्टर शेयर किया, जिसने सभी को इमोशनल कर दिया है।

पूजा चोपड़ा की मां नीरा का छलका दर्द

एक्ट्रेस पूजा चोपड़ा की मां नीरा ने बताया कि शादी के शुरुआती साल में सब नॉर्मल था, लेकिन परिवार में बेटे की चाह हमेशा मौजूद थी। दरअसल, पहली बेटी के जन्म के बाद माहौल ठीक रहा, लेकिन समय के साथ उन पर बेटे को जन्म देने का दबाव बढ़ने लगा और कई साल बाद जब उनकी दूसरी बेटी पूजा चोपड़ा का जन्म हुआ, तब परिवार का रवैया पूरी तरह बदल गया।

इतना ही नहीं, नीरा के मुताबिक, बेटी के जन्म के बाद 3 दिनों तक अस्पताल में कोई उनसे मिलने नहीं आया और घर लौटने के बाद भी उन्हें न तो इमोशनल सपोर्ट मिला और न ही नवजात बच्ची के लिए खुशी दिखाई गई। हालात इतने खराब हो गए थे कि उनसे रोज कहा जाने लगा कि बच्ची को किसी अनाथालय में छोड़ दो या फिर उससे छुटकारा पा लो, मुझे सिर्फ परिवारवालों ने बेटी होने की सजा दी और एक मां के लिए ये सुनना दर्दनाक था। आखिरकार, जब उनकी बेटी सिर्फ 21 दिन की थी, तब नीरा ने घर छोड़ने का फैसला किया। अपनी 7 साल की बड़ी बेटी का हाथ पकड़कर और गोद में नवजात बच्ची को लेकर वो घर से निकल पड़ीं। उस समय उनके पर्स में सिर्फ 81 रुपये थे।

बेहतर नौकरी मिली, आर्थिक स्थिति सुधरी और दोनों बेटियों की परवरिश भी

जब नीरा अपना घर छोड़कर मुंबई पहुंची तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार की थी। नौकरी की तलाश में वो एक बड़े होटल तक पहुंच गईं, जहां उनकी मुलाकात एक महिला अधिकारी से हुई। उनकी ईमानदारी और आत्मविश्वास ने सामने वाले को प्रभावित किया और उन्हें नौकरी मिल गई। शुरुआती वेतन केवल 900 रुपये था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

दरअसल, कई सालों तक संघर्ष करने के बाद उनकी जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर आई। बेहतर नौकरी मिली, आर्थिक स्थिति सुधरी और दोनों बेटियों की परवरिश भी मजबूती से होती रही। बता दें, समय के साथ वही छोटी बच्ची, जिसे कभी बोझ समझा गया था, आगे चलकर मिस इंडिया बनी और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई। इस पर नीरा ने भावुक होकर कहा कि अगर उन्हें दोबारा जन्म मिले, तो वो फिर यही दो बेटियां चाहेंगी। उन्होंने याद किया कि घर छोड़ते समय उन्होंने एक बात कही थी, "एक दिन यही बेटी मुझे गर्व महसूस कराएगी", जो आज सच हो गई।