
बॉलीवुड की फेमस राइटर और एक्ट्रेस प्रिया बनर्जी (फोटो सोर्स: IMDb)
Priya Banerjee talked about Bollywood lack of original ideas: बॉलीवुड में एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जो न तो स्टार बनने की उम्मीद रखती हैं और न ही सिर्फ पैसों के लिए काम करती हैं। बता दें, प्रिया बनर्जी ने HT को दिए एक खास इंटरव्यू में बॉलीवुड की मौजूदा हालत पर ऐसी बातें कहीं जो शायद बहुत से लोग सोचते हैं और खुलकर बोलने से डरते हैं। उनका कहना है कि मेनस्ट्रीम हिंदी सिनेमा एक ऐसे दोहराव के चक्र में फंस गया है जहां से निकलने की कोशिश बहुत कम लोग कर रहे हैं।
प्रिया बनर्जी ने बताया कि उनका बॉलीवुड में आना किसी बड़े सपने का नतीजा नहीं था। वो इंडिया में पली-बढ़ी नहीं हैं इसलिए बॉलीवुड उनके लिए एकदम नया था। जब वो यहां आईं तो उन्होंने कोई रणनीति नहीं बनाई थी बस जो किरदार उन्हें एक्साइट करते थे, वही किए। उन्होंने कहा कि उनके कई अभिनेता दोस्त हमेशा इस बात को लेकर सतर्क रहते हैं कि कोई गलती न हो, कैरियर खराब न हो, लेकिन प्रिया के लिए ये सोच कभी काम नहीं आई। उन्होंने कहा कि अगर वो 20 दिन किसी सेट पर बिता रही हैं तो वो चाहती हैं कि उनका किरदार उनसे बिल्कुल अलग हो कुछ ऐसा जो उन्हें चुनौती दे, कुछ ऐसा जो उन्हें अंदर से हिला दे।
प्रिया ने आगे बताया कि उन्होंने 'दिल जो ना कह सका' जैसी रोम-कॉम फिल्में भी की हैं, लेकिन उन्हें उनमें कभी वो मजा नहीं आया जो वो चाहती थीं। उनका कहना है कि वो कैमरे के सामने बैठकर सिर्फ सुंदर दिखने और मुस्कुराने के लिए काम नहीं करतीं। वो इसलिए काम करती हैं क्योंकि उन्हें अभिनय में सच्चा मजा आता है न कि स्टारडम की चाहत में।
इतना ही नहीं, प्रिया ने बेहद साफ और कड़े शब्दों में कहा कि आज बॉलीवुड में ओरिजिनल आइडिया लगभग खत्म हो गए हैं। हर तरफ वही फॉर्मूला, जो पिछली बार चला, वही दोबारा बनाओ। उन्होंने कहा कि हॉलीवुड और ब्रिटिश सिनेमा में स्टार्स बड़े जोखिम लेते हैं और चुनौतीपूर्ण किरदार निभाते हैं, लेकिन बॉलीवुड में डर इतना है कि लोग कुछ नया करने से बचते हैं और मेनस्ट्रीम हिंदी सिनेमा में वही पुराना फॉर्मूला चल रहा है, लड़की-लड़का, बाइक, रोम-कॉम, हर फिल्म में वहीं घिसी-पिटी रोमांस मजा नहीं आता। ये सब 1990 के दशक में हुआ करता था और आज भी दोहराया जा रहा है। उन्होंने माना कि उन्हें याद भी नहीं कि आखिरी बार उन्होंने कोई हिंदी फिल्म कब देखी थी क्योंकि उन्हें उनमें कुछ नया नहीं मिलता।
बता दें, प्रिया का मानना है कि OTT प्लेटफॉर्म्स ने एक नई उम्मीद जगाई है। उन्होंने कहा कि नेटफ्लिक्स, प्राइम और दूसरे प्लेटफॉर्म पर कभी-कभी ऐसे शो और फिल्में आती हैं जो सच में ओरिजिनल होती हैं, जिनमें नए चेहरे होते हैं, नए आइडिया होते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी अपनी फिल्म 'कैंडी एंड द पिज्जा गर्ल' भी तब संभव हुई जब Amazon Prime ने उसे सपोर्ट किया। उनकेअनुसार अगर प्राइम ने ये कदम नहीं उठाया होता तो ये फिल्म कभी बन नहीं पाती। साथ ही, उन्होंने ये भी कहा कि बहुत सारे नए और निर्देशक और स्टार्स अच्छी फिल्में बनाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही मंच और सहयोग नहीं मिलता। ये इंडस्ट्री की सबसे बड़ी फेलीयर है।
बता दें, अखिल कपूर के निर्देशन में बनी ये फिल्म नीऑन लाइट की चकाचौंध में कई अजनबियों की उलझी हुई कहानियों को एक साथ बुनती है। इसमें क्राइम, डार्क ह्यूमर और शहरी पागलपन का एक अनोखा कॉम्बो है। प्रिया के साथ निनाद कामत, दारा संधू, सिवानी सिंह, निमिश शितोले और अनिकेत सांघवी जैसे स्टार्स भी लीड रोल में हैं। ये फिल्म Amazon Prime Video पर देखी जा सकती है।
Published on:
28 Apr 2026 08:57 am
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