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मेकर्स तो बस गुलाम हैं! प्रियदर्शन ने बॉलीवुड के ‘स्टार कल्चर’ पर कही ऐसी बात

Priyadarshan Statement on Bollywood content: बॉलीवुड के फेमस निर्देशकों में से एक प्रियदर्शन ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री के 'स्टार कल्चर' पर अपनी दिलचस्प और गहरी प्रतिक्रिया दी है। उनका मानना है कि मेकर्स यानी निर्माता केवल एक तरह के गुलाम बनकर रह गए हैं और वो स्टार्स को लेकर दबाव में है।

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मेकर्स तो बस गुलाम हैं! प्रियदर्शन ने बॉलीवुड के 'स्टार कल्चर' पर कही ऐसी बात

प्रियदर्शन (फोटो सोर्स: IMDb)

Priyadarshan Statement on Bollywood content: हर फिल्म की रिलीज से पहले कई फिल्ममेकरों के दिल में घबराहट और टेंशन होता है। आज हम आपको ऐसे ही एक फेमस फिल्म डायरेक्टर के बारे में बताने वाले है, जिन्होंने फिल्मों के कंटेट के दबाव लेकर अपनी भावना व्यक्त की है। बता दें, प्रियदर्शन एक अनुभवी और प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक हैं, जिन्होंने अपनी शुरुआत 1980 के दशक में मलयालम सिनेमा से की। इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में हिट फिल्मों की एक से बढ़के एक फिल्में दी, जिनमें 'हेरा फेरी', 'गरम मसाला', और 'भूल भुलैया' जैसी फिल्में शामिल हैं।

समाज और इंडस्ट्री में बहुत बड़ा बदलाव आया

प्रियदर्शन ने फिल्म 'भूत बांग्ला' के द्वारा लंबे ब्रेक के बाद हिंदी फिल्ममेकिंग में एक बार फिर से कमबैक किया है। इस दौरान उन्होंने अपने अब तक के सफर, हिंदी सिनेमा में काम करने का अनुभव और अन्य मुद्दों पर टाइम्स से बातचीत की। बता दें, 2013 से 2026 के बीच, प्रियदर्शन ने सिर्फ एक हिंदी फिल्म, हंगामा 2 बनाई, जिसे COVID-19 के समय में शूट और रिलीज किया गया था।

जिससे समाज और इंडस्ट्री में बहुत बड़ा बदलाव आया है, लेकिन प्रियदर्शन को लगता है कि हिंदी सिनेमा में अब कोई ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। वो बताते हैं, "पूरे भारत में एक नई पीढ़ी अपने सिनेमा के साथ आ रही है और मैंने पाया कि मलयालम फिल्में सबसे अच्छा इसलिए कर रही हैं क्योंकि उनके पास बजट नहीं होता, लेकिन वे कंटेंट पर ध्यान देती हैं। मलयालम सिनेमा के ये युवा लड़के अपनी कहानियों को बहुत मजेदार तरीके से बता रहे हैं। OTT की बदौलत अब वे ज्यादा दर्शकों तक पहुंच रहे हैं और मैंने बॉलीवुड में अभी तक ऐसा बदलाव नहीं देखा है।"

इतना ही नहीं, प्रियदर्शन ने आगे बताया कि इंडस्ट्री अभी भी कहानी कहने से ज्यादा स्टार्स को प्रायोरिटी देती है, "मुझे बॉलीवुड में कोई नया एक्सपेरिमेंट नहीं दिख रहा है। मुझे लगता है कि यहां एक्टर्स का दबदबा है और मेकर्स तो बस गुलाम हैं, क्रिएटर्स के पास क्रिएटिव लिबर्टी नहीं है," साथ ही वे साफ करते हैं कि ये उनका ऑब्जर्वेशन है और कोई एक्सपर्ट कमेंट नहीं है जैसा कुछ लोग इसे समझेंगे और मुझे हो सकता है ट्रोल भी करें, लेकिन बॉलीवुड के लिए एक सलाह है, या यूं कहें कि एक लाइन है, 'उन्हें पता होना चाहिए कि कंटेंट ग्लैमर से ज्यादा जरूरी है।'

सवाल पूछा गया कि इतनी जल्दी क्यों? इस पर प्रियदर्शन ने बताया

दरअसल, 4 दशकों के करियर में प्रियदर्शन ने 97 फिल्में डायरेक्ट की हैं। उन्होंने हाल ही में अपने 100वें प्रोजेक्ट की घोषणा भी कर दी है, जिसमें उनकी पहली फिल्म के हीरो मोहनलाल होंगे। बता दें, उन्होंने 1986 में एक साल में 7 फिल्में बनाने का दौर भी याद है।

इस पर उनसे जब सवाल पूछा गया कि इतनी जल्दी क्यों? इस पर प्रियदर्शन ने हंसते हुए बताया, 'जब मैंने फिल्में बनाना शुरू किया, तो मैं बेसब्र था। मैं बस इतना कहना चाहता था कि मैं इसे जल्दी करना चाहता हूं। मुझे लगा कि मुझे अपने सारे आइडिया जल्दी से सामने लाने होंगे। कुछ फ्लॉप फिल्मों के बाद, मुझे समझ आया कि मुझे थोड़ा धीमा चलना होगा।' प्रियदर्शन मुताबिक 97 फिल्में बनाने के बाद समझ आया कि 'थोड़ा धीमा' का मतलब था 'साल में 2-3 फिल्में', ये रेट उन्होंने हिंदी फिल्मों में अपने समय के दौरान भी बनाए रखा।

फिल्म 'भूत बांग्ला' अप्रैल में रिलीज के लिए तैयार है। साथ ही, इस फिल्म के जरिए निर्देशक प्रियदर्शन और अक्षय कुमार करीब 14 साल बाद एक साथ काम कर रहे हैं। इस जोड़ी ने पहले भी कई सफल कॉमेडी फिल्मों से दर्शकों को खूब हंसाया है। ऐसे में उनकी नई फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।