
'यूटीवी' जैसे बड़े बैनर तले निर्मित और रितिक रोशन समेत कई सीनियर स्टार्स के साथ काम करने को लेकर मायानगरी की पूजा हेगड़े बहुत उत्साहित हैं। अपनी पहली ही फिल्म में गजब अदाओं और बेहतर अभिनय के लिए उन्होंने सभी का दिल भी जीता है। बहरहाल, इसी सिलसिले में उनसे हुई एक 'खास' मुलाकात में उन्होंने खुलकर बातचीत की, पेश हैं कुछ अंश-
सवाल: पहले तो अपने बारे में विस्तार से बताइए?
पूजा: मैं मुंबई की रहने वाली हूं और मुंबई यूनिवर्सिटी से मैंने कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के साथ ही मैं मॉडलिंग भी करती रही और एक ऐड में काम भी किया। मेरे माता-पिता जी एडवोकेट हैं और उन्होंने एमबीए भी किया है। साथ ही मेरे भाई डॉक्टर हैं। हम साउथ इंडियन हैं, इस लिहाज से हम सभी कुछ अलग ही कर रहे हैं। मैं जब फिल्मों में आई तो सभी का रिएक्शन पॉजीटिव रहा, सभी ने मुझे इसके लिए भरपूर सपोर्ट किया।
सवाल: 'मोहनजोदड़ो' आपको कैसे मिली?
पूजा: निर्देशक की पत्नी सुनीता गोवारिकर और प्रोड्यूसर सिद्धार्थ रॉय कपूर ने रणबीर कपूर के साथ वाली मेरी एक ऐड देखी थी। बस, वहीं से उन्होंने मेरा संपर्क सूत्र निकाला और ऑडिशंस के लिए बुला लिया। आशुतोष जी ने मुझे पांच सीन दिए और 'होठों पर ऐसी बात...' गाने पर डांस करने को कहा। फिर सब कम्पलीट होते ही आशुतोष जी ने बोला कि मैं इस फिल्म के लिए सिलेक्ट हो गई हूं। यह सुनते ही मैं तो भौचक्की रह गई।
सवाल: बड़े बैनर समेत सीनियर स्टार्स संग काम करने का अनुभव कैसा रहा?
पूजा: वाकई में इसके लिए मैं ईश्वर को शुक्रिया अदा करती हूं। पहली ही बार में इतने बड़े निर्देशक समेत रितिक रोशन के अलावा कबीर बेदी, नितीश भारद्वाज, किशोरी शाहनी, सुहासिनी मुले जैसे कई नामचीन स्टार्स संग काम करने का मौका मिला। सभी के साथ काम करके बहुत कुछ सीखने व समझने का भरपूर मौका भी मिला। रितिक रोशन देखने में तो अलग हैं ही, साथ ही वे एक्टिंग भी बहुत बेहतरीन करते हैं।
सवाल: शूटिंग के दौरान की कुछ यादगार बातें?
पूजा: मेरे लिए तो पूरी फिल्म ही यादगार है। इसके अलावा हमने इसकी शूटिंग करीब दो साल तक की, जिसमें लगभग 4 से 5 महीने तो भुज में ही रहना पड़ा। साथ ही वातावरण को लेकर हमें कुछ कठिनाइयां भी हुईं, क्योंकि जब ठंड पड़ रही थी तो हम बारिश के सीन्स शूट कर रहे थे और जब गर्मी थी तो हम रेगुलर थे। इसके अलावा मैं अपने पहले शॉट के दिन बहुत नर्वस थी, इशारों में बार-बार मैं आशुतोष जी से पूछ रही थी कि कैसा हो रहा है। वे भी बोल रहे थे कि ऑल गुड-ऑल गुड।
सवाल: 'मोहनजोदड़ो' को आप फिल्म से पहले कितना जानती थीं?
पूजा: इससे पहले मैंने स्कूल में पढ़ा था और उस समय मैं पढऩे में भी इतनी अच्छी नहीं थी। उनकी तीन-चार चीजें ही मुझे याद थीं। लेकिन यह फिल्म करने के बाद अब मैं 'मोहनजोदड़ो' के बारे में काफी कुछ जान गई हूं।
सवाल: इसमें बेसिक लव स्टोरी है तो उस समय के प्यार को कितना इफेक्ट करती है?
पूजा: मेरे हिसाब से तो प्यार यूनिवर्सल होता है। अगर आप देखें, तो 20 साल के इंसान में और 80 साल के लोगों में प्यार लगभग एक जैसा ही होता है। इस लिहाज से लव जैसा आज होता है, वैसा ही उस जमाने में भी होता रहा होगा। फिल्म में मेरा किरदार किसी रानी का नहीं है, बल्कि नवलोकिनी बुलाया जाता है। दरअसल, उन्हें लगता है कि वह जो लड़की है, उसकी वजह से माहनजोदड़ो में कुछ परिवर्तन आएगा, क्योंकि उस समय मोहनजोदड़ो में कुछ अच्छा नहीं चल रहा होता है।
सवाल: अपनी हॉबीज के बारे में बताइए और आगे क्या?
पूजा: पढऩे के अलावा मुझे घूमना बहुत पसंद है, अगर मेरे पास बहुत सारा पैसा होता तो मैं पूरी दुनिया की सैर करती। साथ ही संगीत भी मुझे बहुत प्रिय है। अब मुझे एक यंग टाइप की फिल्म करनी है। यानी सेट पर जाकर अब मुझे जींस पहनना है। साथ ही वह फिल्म वरुण धवन व रणवीर सिंह जैसे यंग एक्टर्स के साथ हो तो बहुत अच्छा रहेगा, क्योंकि वे सब बहुत ही एनर्जेटिक हैं।
Published on:
01 Aug 2016 04:05 pm
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