
दिलीप जोशी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस (सोर्स- Instagram/ bollywoodbubbletelly)
Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah Fame Dilip Joshi Exit: पिछले कई दिनों से टीवी के पॉपुलर शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा देखने वालों के लिए एक खबर संकट बनकर सोशल मीडिया पर फैल रही थी। ऐसा कहा जा रहा था कि शो से 18 साल बाद जेठालाल की छुट्टी हो रही है। उनका किरदार अब शो में खत्म हो रहा है। अब इन खबरों पर खुद जेठालाल का किरदार निभाने वाले दिलीप जोशी ने चुप्पी तोड़ दी है। क्या कुछ कहा है दिलीप जोशी ने, चलिए जानते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए इस मामले पर दिलीप जोशी ने कहा, 'अपने व्यूज कमाने के लिए लोग उट पटांग कुछ भी ऐसी कुछ मनघड़त कहानिया ऐसे वो पब्लिश कर देती है न्यूज एजेंसी है या मीडिया हाउस है उससे मैं रिक्वेस्ट करना चाहूंगा इसके का मतलब आप कुछ ये पब्लिश करें प्रिंट करें उससे पहले एक बार जरा प्रोडक्शन हाउस से या जो भी जिसके बारे में जो बात हो रही है उसे एक बार आप कंफर्म कर ले कि ये सच है या गलत है।'
इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेस में दिलीप ने कहा, 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' से पहले मैंने करीब 25-30 साल थिएटर किया है। थिएटर आपको यही सिखाता है कि एक नाटक के 200-300 शो होते हैं। हर रविवार और अक्सर हर दूसरे दिन आपको वही नाटक और वही किरदार निभाना होता है।
थिएटर की सबसे बड़ी सीख यही है कि हर शो एक नया प्रयोग होता है। क्योंकि लाइव परफॉर्मेंस में आपको पहले से नहीं पता होता कि कौन-सा पल कैसे बनेगा। आपको अपने संवाद याद होते हैं, लेकिन उन्हें हर बार उसी ऊर्जा और ईमानदारी के साथ मंच पर निभाना होता है। यह बिल्कुल भी आसान नहीं है। धीरे-धीरे अनुभव के साथ यह तकनीक आपके अंदर आती जाती है।
उन्होंने कहा, 'हमारे शो का माहौल भी बहुत अच्छा है। पूरी टीम शानदार है और आसित भाई का हमें पूरा सहयोग मिलता है। इसी वजह से हमें अपने सीन में कुछ नया करने और प्रयोग करने की आजादी मिलती है। भले ही मेरा किरदार एक ही है, लेकिन परिस्थितियां हर बार अलग होती हैं। कभी दुकान का सीन होता है, कभी बबीता जी के साथ, कभी अय्यर भाई के साथ, तो कभी भिड़े के साथ। हर किरदार के साथ मेरी अलग कैमिस्ट्री और अलग तरह की बातचीत होती है। इसलिए हर बार नए पल बनाना और दर्शकों को कुछ नया देना अपने आप में एक चुनौती है।'
'मेरे लिए सबसे बड़ा चैलेंज यही है कि एक ही किरदार को निभाते हुए उसमें हर दिन नया क्या किया जाए। भगवान की कृपा से आज भी रोज कहीं न कहीं से कोई नया पंच या नया आइडिया मिल जाता है और उसी से हमारी गाड़ी चलती रहती है।'
Updated on:
17 Jul 2026 05:52 pm
Published on:
17 Jul 2026 05:18 pm
