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एटा के हॉस्पिटल में जांच और दवाओं के लिए हो रही वसूली, डॉक्टर बाहर के लिए लिख रहे पर्चे

उत्तर प्रदेश के जनपद एटा में स्वास्थ्य बिभाग मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों को चुनौती देता नज़र आ रहा है। यहाँ जलेसर समुदायिक केंद्र में भर्ती प्रसूता और उनके तीमारदारों से अवैध वसूली लगातार जारी है। मरीजों और ओपीडी में दिखाने के दौरान बाहर से दवाएं लिखने के मामले भी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।

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एटा

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Dinesh Mishra

Sep 13, 2022

symbolic photo of Eta wasuli

symbolic photo of Eta wasuli

एटा जिले जिले में वायरल होते एक वीडियो में हॉस्पिटल का एक कर्मचारी बाहर से जांच और व्यवस्थाओं की बात के लिए पैसों की डिमांड करता हुआ नज़र आ रहा है। वहीं इस वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि, सारे डॉक्टर बाहर से ही दवाएं लिखते हैं। ऐसे में हमें भी अपने बारे में सोचना पड़ता है। मरीजों तीमारदारों से इस प्रकार की वसूली होना एटा जिले के हॉस्पिटल में आम बात हो चली है, लेकिन कार्यवाई करने वाला फिलहाल कोई नहीं दिखाई देता।

ऐसा तब है जब लगातार डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की बातें सार्वजनिक करते हुए नज़र आ रहे हैं। ब्रजेश पाठक द्वारा गरीबों को सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर ही सस्ता, अच्छा इलाज मुहैया कराए जाने की मुहिम चला रहे है। स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया जा रहा है, लेकिन ये डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी सुधरने का नाम नही ले रहे है।

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इस संबंध में एटा के भाजपा नेता सत्येंद्र सिंह जादौन को जानकारी होने पर वो जलेसर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच कर प्रसूता और उनके तीमारदारों से जानकारी की तो उन्होंने अस्पताल में तैनात महिला चिकित्सक ने प्रसूता और उनके तीमारदारों के साथ बदसलूकी के साथ ही अवैध वसूली के आरोप भी लगाए है.

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वहीं भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने अपनी ही सरकार में भ्रष्टाचार की बात कहते हुए दोषी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की शासन स्तर पर जांच कर कार्यवाही की मांग की है। मरीजों के साथ स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा आम जनता के साथ दुर्व्यवहार करने और अवैध वसूली के मामले सामने आ रहे हैं.

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जबकि उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ एवं स्वास्थ मंत्री/ डिप्टी सीएम बृजेश पाठक द्वारा लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। देखने वाली बात होगी कि अखिर कब तक इन लापरवाह डॉक्टरों और वसूली वाज स्वास्थ्य कर्मियों पर स्वास्थ्य विभाग नकेल कसकर कार्यवाही कर पाता है।

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