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मासूम बेटी को पिता का नाम दिलाने के लिए भटक रही बेबस मां, CM योगी से लगाई मदद की गुहार

इस लड़ाई को लड़ते हुए दो वर्ष से भी ज्यादा का समय बीत गया लेकिन मां-बेटी को आज तक उनका हक नहीं मिला है।

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एटा

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Amit Sharma

Dec 20, 2017

Mahendra Singh Tanwari

एटा। एक असहाय मां अपनी छह बर्षीय मासूम बेटी को उसका हका दिलाने के लिए दर दर भटक रही है। इस लड़ाई को लड़ते हुए दो वर्ष से भी ज्यादा का समय बीत गया लेकिन मां-बेटी को आज तक उनका हक नहीं मिला है। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट काट कर महिला तंग आ चुकी है लेकिन उम्मीद किरण तब जागी जब तहसील के एसडीएम महेंद्र सिंह तंवर ने मामले का संज्ञान लिया।

मामला जनपद एटा के कुढहा गांव का है, जहां सीमा की शादी शैलेश नाम के युवक के साथ नौ वर्ष पूर्व हुई थी। शादी के बाद सब कुछ ठीक चल रहा था, कुछ समय पश्चात सीमा ने एक बेटी को जन्म दिया लेकिन कुछ दिन ही गुजरे थे कि सीमा के पति शैलेश की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।


देवर, जेठ ने निकाला घर से

शैलेश की मौत के बाद मानो सीमा पर दुखों का पहाड़ ही टूट पड़ा। जैसे तैसे सीमा ने अपने आप को संभाला था। घर की जिम्मेदारी कंधों पर आते ही सीमा टूट चुकी थी। घर का बोझ और बेटी का लालन पालन कैसे करती। इस बीच सीमा के विकलांग पिता ने सहारा दिया और बेटी और धेवती का जिम्मा उठाया। मगर इसी दौरान पति की मौत के बाद परिवार के ही जेठ और देवर जालसाजी कर और सरकारी अधिकारियों से सांठ गांठ कर पति की मौत के बाद मिलने वाली सरकारी सहायता किसान दुर्घटना बीमा की राशि हड़प ली। सीमा के जेठ औऱ देवर ने शैलेश को अविवाहित दिखा कर किसान बीमा के पांच लाख रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। इतना ही नहीं शैलेश की हिस्से में आने वाली जमीन जिस पर उसकी पत्नी और बेटी का अधिकार था उसको भी सरकारी दस्तावेजों में अपने नाम जालसाजी कर चढ़वा ली।


सीएम योगी से लगाई गुहार

कुछ दिन के बाद जब सीमा अपने पिता के घर से ससुराल लौटी तब उसे पूरे प्रकरण की जानकारी हुई। जिसके बाद उसने सारी बात अपने पिता को बताई। पिता ने पूरे मामले को लेकर परिवारीजनों से बात करनी चाही तो किसी ने सही तरीके बात नहीं की और जान से मार देने की धमकी देकर उसकी बेटी सीमा और उसकी दुधमुंही बच्ची को घर से बाहर निकाल दिया। जेठ और देवर के की दबंगई की शिकायत सीमा ने जिले के तमाम आलाधिकारियों से की लेकिन दो वर्ष से आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब मामला मौजूदा एसडीएम ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट महेंद्र तंवर के संज्ञान में आया तो उन्होंने पूरे मामले की जांच कराई जिसमें सीमा के जेठ और देवर को दोषी पाया गया, साथ ही किसान बीमे की धनराशि की रिकवरी कराए जाने के आदेश दिए। सीमा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी न्याय की गुहार लगाई है। सीमा की मांग है कि उसे व उसकी बेटी को हक मिले और दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों व देवर, जेठ पर कार्रवाई की जाए।