
akhilesh mayawati
एटा। एक तरफ तो अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी और मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने लोकसभा चुनावों के लिए हाथ मिलाकर सालों पुरानी अनबन को खत्म करने का संदेश लोगों तक पहुंचाया है, वहीं इसके विपरीत एटा में एक ऐसा मामला सामने आया है जहां यादव दबंगों ने एक दलित महिला के साथ छेड़छाड़ की। जब महिला ने इसका विरोध किया तो उन्होंने उसे लाठी डंडों से पीटा। बात सिर्फ यहीं नहीं रुकी, महिला का आरोप है कि जब वो इसकी शिकायत करने के लिए थाने पहुंची तो थाने प्रभारी ने उसकी रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय गालियां और जातिसूचक शब्द कहे। फिलहाल पीड़िता ने मामले की शिकायत एसएसपी से की है। मामला जैथरा क्षेत्र के शास्त्री नगर का है।
महिला ने ये लिखा है प्रार्थना पत्र में
एसएसपी को दिए गए प्रार्थना पत्र में दलित युवती ने लिखा है कि वो शास्त्री नगर जैथरा, जिला एटा की रहने वाली है। फिलहाल ग्वालियर से जीएनएम का कोर्स कर रही है और वो अनुसूचित जाति की है। उसके मोहल्ले के अमरीश यादव और रामनरेश यादव अक्सर उसके साथ छेड़छाड़ करते हैं जिसका वो विरोध करती है। 17 अगस्त की रात को वो घर पर अकेली थी। करीब साढ़े दस बजे अमरीश और रामनरेश दो अन्य लोगों को साथ लेकर उसके घर में घुस आए और छेड़छाड़ शुरू कर दी।
जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ लाठी डंडों से मारपीट की गई। इससे उन्हें काफी चोटें आयीं। उसके चिल्लाने पर विनोद, शिशुपाल और मुन्नालाल आदि मौके पर आ गए। उनके आने के बाद उन लोगों ने भद्दी भद्दी गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। जब वो मामले की शिकायत करने गई तो थाना प्रभारी जैथरा उसे जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करके वहां से भगा दिया।
पीड़िता ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए लिखा है कि जब पीड़िता अपनी शिकायत लेकर थाने पहुंची तो पीड़िता की रिपोर्ट नहीं लिखी गयी और जैथरा थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार ने दलित महिला से गन्दी गन्दी गालियां दीं और जातिसूचक शब्दो का प्रयोग करते हुए थाने से भगा दिया। पीड़िता ने एसएसपी से निवेदन किया है कि थाना जैथरा को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए जाएं और उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
Updated on:
23 Aug 2018 11:48 am
Published on:
23 Aug 2018 11:07 am
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