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परिषदीय स्कूलों के टीचर अब दिखेंगे हीरो माफिक, हुआ बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में शिक्षकों को स्मार्ट बनाने जा रही है...

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Basic education teachers dress code in Uttar Pradesh

परिषदीय स्कूलों के टीचर अब दिखेगे हीरो माफिक, हुआ बड़ा फैसला

इटावा. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार राज्य के बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में शिक्षकों को स्मार्ट बनाने जा रही है। नये निर्देशो के क्रम मे शिक्षक अब स्कूलों मे चप्पल पहन कर तो आ ही नही सकेगे साथ ही उनको प्रतिदिन सेविंग भी करके आना पडेगा। बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देश का आमतौर पर स्वागत किया गया है। विभाग के उच्चाधिकारियों ने जो नई व्यवस्था की है, उसमें अब इन नए विद्यालयों के शिक्षक बिना दाढ़ी बनाए और चप्पलें पहनकर विद्यालय में नहीं आ सकेंगे। उन्हें स्मार्ट दिखना होगा।

शिक्षकों को बनना होगा स्मार्ट

इसके लिए पैरामीटर तय कर दिए गए हैं। इन पर शिक्षकों को खरा उतरना होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को प्राइवेट के मुकाबले खड़ा करने की जो कवायद चल रही है। उसमें अब शिक्षकों को स्मार्ट बनाना भी शामिल कर लिया गया है। इस फैसले का आमतौर पर स्वागत हुआ है लेकिन कुछ लोगों ने यह कहा है कि फैसले को लागू करने में जबरदस्ती नहीं होना चाहिए। इसका व्यवहारिक पक्ष भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इटावा वासी विजय श्रीवास्तव का कहना है कि शासन का यह आदेश समय के अनुकूल है। शिक्षकों को अस्त-व्यस्त दिखना भी नहीं चाहिए। शिक्षकों की स्मार्टनेस से सकारात्मक संदेश जाएगा। इन दिनों बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों को हाईटेक बनाने की तैयारी चल रही है तो यह आदेश काफी उपयोगी साबित होगा।

लोगों ने किया फैसले का स्वागत

इटावा वासी नजमुल हसन नियाजी का कहना है कि यह आदेश प्राइमरी स्कूलों के लिए काफी उपयोगी होगा। इन स्कूलों की दशा देखकर ही बहुत से लोग अपने बच्चों का एडमिशन इन स्कूलों में नहीं कराते हैं। इसके विपरीत जब स्कूल अच्छे बने होंगे, शिक्षक स्मार्ट होंगे तो ज्यादा अभिभावक अपने बच्चों का इन स्कूलों में एडमिशन कराएंगे। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता अरविंद दीक्षित ने शासन के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि घर-परिवार के बाहर शिक्षक ही बच्चों के आदर्श होते हैं, वे शिक्षक को देखते हैं और उनके जैसा बनने का प्रयास करते हैं। गुरुजी के साथ स्कूलों के बच्चे भी स्मार्ट दिखेंगे। होम्योपैथिक चिकित्सक डा.आशीष दीक्षित ने कहा है कि प्रथम दृष्टि में यह व्यवस्था ठीक लगती है लेकिन इसको जबरन अमलीजामा नहीं पहनाना चाहिए। इसका व्यवहारिक पक्ष और शिक्षकों की कठिनाइयों को भी ध्यान में रखना चाहिए।

विभाग ने शुरू की तैयीरी

टीचर्स क्लब के महामंत्री अवनीद्र सिंह जादौन ने कहा है कि शासन का चार आई मानक का फार्मूला स्वागत योग्य है। बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक व छात्र स्तर पर प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष बबुआ ठाकुर ने कहा है कि शिक्षकों को स्मार्ट दिखने की जो पहल की गई है, वह भी काफी अच्छी है। बच्चे शिक्षकों को अपना आदर्श मानते हैं और उनसे प्रभावित भी रहते हैं। शिक्षकों को स्मार्ट बनाने की प्रक्रिया अब शुरू होगी। लेकिन जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों को स्मार्ट बनाने का काम काफी पहले से ही शुरू हो गया है। इन स्कूलों की आकर्षक रंगाई-पुताई की गई है तथा वॉलपेंटिंग भी की गई है। इटावा जिले में जिन 47 स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने के लिए चुना गया है, उन्हें विशेष रूप से आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया है। आने वाले दिनों में बेसिक शिक्षा विभाग के अन्य प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को स्मार्ट बनाए जाने की तैयारी चल रही है। अब शासन के नए निर्देश पर शिक्षक भी स्मार्ट बनकर रहेंगे तो फिर बच्चे भी स्मार्ट ही बनेंगे।