
Etawah Safari Park
इटावा. डॉल्फिन के बाद इटावा सफारी पार्क में काले मृग (ब्लैकबग/एंटीलोप) और चीतल (स्पॉटेड डियर) का कुनबा बढ़ने लगा है। दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले जानवरों को पार्क का वातावरण रास आ रहा है। इसकी है सुरक्षा, शुद्ध भोजन और साफ पानी। सफारी पार्क में पिछले पांच सालों में काले मृग और चीतल की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्ष 2016 में यहां काले मृग और चीतल लाए गए थे। तब इनकी संख्या 20-20 थी जो कि बीते पांच वर्षों में अच्छी मात्रा में बढ़ गई है। वर्तमान में काले मृग 77 और चीतल की कुल संख्या 50 हो चुकी है। पार्क के उपनिदेशक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि इटावा सफारी पार्क में काले मृग व चीतल की संख्या बढ़ोत्तरी सुखद है। इसका प्रमुख कारण इन्हेंं पर्याप्त भोजन व सुरक्षा मिलना है। संरक्षण होने के कारण इनके गर्भाधान में कोई व्यवधान नहीं आता है।
काले मृग और चीतल वन्यजीवन अधिनियम 1971 के अंतर्गत शेड्यूल 1 की श्रेणी में आते हैं। ये खुले वातावरण में रहते हैं जिस कारण इनका आसानी से शिकार हो जाता है। इसलिए इन्हें संरक्षित करने के लिए शेड्यूल 1 की श्रेणी में रखा गया है। पांच साल पहले इटावा सफारी पार्क (Etawah Safari Park) में 10 नर और 10 मादा काले मृग लाए गए थे। उसके बाद से इनकी संख्या बढ़ी है। भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ सकती है।
अगले महीने होंगे शेरों के दीदार
इटावा सफारी पार्क में अगस्त महीने से शेरों के भी दीदार होंगे। लायन सफारी को खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। उपनिदेशक अरुण कुमार सिंह का कहना है कि लायन सफारी को जल्द से जल्द चालू करने के लिए शेरों का प्रशिक्षण फिर शुरू कर दिया गया है। सुल्तान बाहुबली, भरत, रूपा, सोना का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद शेरों को लायन सफारी के खुले जंगल में पर्यटकों के लिए छोड़ा जाएगा।
Published on:
30 Jul 2021 12:17 pm
बड़ी खबरें
View Allइटावा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
