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हत्याकांड के हत्यारोपियो की गिरफतारी के लिए भाई और मॉ ने कचहरी मे शुरू की भूखहडताल

इटावा में सिविल लाइन इलाके में सफारी पार्क के सामने 23 फरवरी को हुए आसिफ उर्फ फ़ैज़ हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर फ़ैज़ की मॉ और बेटा कचहरी मुख्यालय पर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं । इसके साथ ही पीडित परिवार की मॉग है कि हत्यारोपियो के घरो मकान और दुकानो को अन्य आरोपियो की तरह बुल्डोजर से घ्वस्त किया जायेगा ।

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Symbolic Photo of Murder by Husband to Wife

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इटावा में इस हत्याकांड मे अब तक 11 आरोपियो को गिरफतार कर चुकी है । अब केवल दो आरोपी गिरफतार कर चुके है । जिनकी गिरफतारी के लिए मॉ बेटे भूख हडताल पर बैठ गये है । परिजनो की मांग है कि वो तब तक भूखहडताल तब तक खत्म नही करेगे जब तक बाकी दो हत्यारोपियो को पुलिस गिरफतार करके जेल नही भेज देती है । 23 फरवरी को सफारी पार्क के सामने फ़ैज़ के ही दोस्तों ने उसकी गोली मारकर के हत्या कर दी थी और मौका ए वारदात से फरार हो गए थे । हत्या के शिकार हुए प्रर्दशनकारी परिजन अपने अपने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर के कचहरी में बरगद के पेड़ के नीचे भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हत्या के शिकार हुए फैज की मां शमा वारसी ने बताया कि उनके बेटे की हत्या के मामले में पुलिस दो नामजद आरोपियो को बचाने मे जुटी हुई है । इसीलिए पुलिस दोनो की गिरफतारी नही करना चाहती है ।


उनका कहना है कि धमकी देने वाले बेटे की तरह उन्हें भी मारने की धमकी दे रहे हैं अगर उनको गिरफ्तार करके जेल नहीं भेजा गया तो वह उनको और उनके परिवार के अन्य सदस्यों की किसी भी समय हत्या कर सकते हैं।

फैज के भाई कामरान का कहना है कि उनके नाबलिग भाई फैज की हत्या ईगल गैंग ने बर्चस्व की जंग के चलते कर दी थी जिसका मुकदमा सिविल लाइन पुलिस थाने मे दर्ज कराया गया लेकिन सिविल लाइन पुलिस ने हीलाहवाली बरती जिसके चलते आरोपी अभी तक सभी गिरफतार नही किये जा सके है जब अधिक दबाब बनाया तो जांच को फ्रैंडस कालौनी के हवाले कर दी गई है लेकिन अभी भी सभी आरोपियो को पुलिस गिरफतार नही कर पाई है ।

इटावा के कोतवाली इलाके के कबीरगंज के रहने वाले आसिफ उर्फ फ़ैज़ की हत्या दोस्त की गर्ल फ्रैंड्स को वश में करने को लेकर हत्या की गई थी । इस बात की तस्दीक फ़ैज़ की हत्या में गिरफ्तार किए गए उसके दोस्त और मुख्य आरोपी उमर ने की थी।

कबीरगंज निवासी फैज वारसी उर्फ आसिफ की गोली मारकर हत्या हुई थी। शव सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ही लायन सफारी के पास फेंका गया था।
24 फरवरी को पुलिस ने फैज का शव बरामद किया था। पिता ने दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने उमर, असद, विरासत अली, फरद उर्फ मुन्ना अल्फेज, इरशाद, फरदीन, जीशान, रिजवान व खादिम अब्बास पर आपसी विवाद के बाद हत्या का आरोप लगाया था।
पुलिस पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी थी उसके बाद मुख्य आरोपी कटरा पुर्दल खां निवासी उमैर खान को भी गिरफ्तार कर लिया गया ।
पुलिस पूछताछ में उमर ने बताया कि उसने हत्या करने के लिए अपने दोस्त शकील उर्फ गुड्डा (निवासी मेवाती टोला) से तमंचा मांगा था।
वारदात के बाद उसे तमंचा वापस कर दिया। पुलिस ने इस नए आरोपी शकील उर्फ गुड्डा को भी पकड़ लिया। हत्या में प्रयुक्त तमंचा एक खोखा व दो कारतूस बरामद किया गया।
इस हत्याकांड में नामजद आरोपियों में चार गिरफ्तार हो चुके हैं, छह फरार हैं। शकील 11 वां नया आरोपी है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। शकील उर्फ गुड्डा को तमंचा रखने व षड्यंत्र में शामिल होने के आरोप में जेल भेजा गया है।

वारदात के मुख्य आरोपी उमर ने पूछताछ में बताया कि उसके एक महिला के साथ संबंध थे। फैज ने डोरे डालकर उस महिला से अपने संबंध बना लिए। जब उसने मना किया तो वह नहीं माना।
इसी बात को लेकर उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसकी हत्या का षड्यंत्र रचा ओर हत्या कर दी ।
15 मई को फैज हत्या की घटना में संलिप्त फरद अली उर्फ मुन्ना और इरसाद अली निवासी मकसूद पुरा थाना कोतवाली इटावा को गिरफतार किया गया ।


इस हत्याकांड मे अब तक 11 आरोपियो की गिरफतार की जा चुकी है । 24 फरवरी को फैज वारसी उर्फ आसिफ की हत्या मे उसके पिता सलीम ने उमर,असद,विरासत अली, फरद उर्फ मुन्ना, अल्फेश, इरशाद, फरदीन, जीशान,रिजवान तथा खादिम अब्बास को नामजद करते हुए हत्या करना बताया था ।

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