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5 साइबर अपराधी गिरफ्तार, पुलिस से बचने के लिए बिटकाइन व अन्य क्रिप्टोकरेंसी में करते थे लेनदेन

इटावा पुलिस की गिरफ्त में आये अपराधियों ने बताया कि उनका पूरा लेन-देन ब्लॉकचेन तकनीकी पर आधारित है, पुलिस निगरानी से बचने के लिए Bitcoin व डॉगक्वाइन जैसी Cryptocurrency का उपयोग करते थे

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
इटावा. जनपद की कोतवाली पुलिस ने पांच शातिर साइबर अपराधियों (Cyber Criminal) को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गये अपराधी कम कमीशन में विदेशी करेंसी को कन्वर्ट करने लालच देकर लोगों को फंसाते थे। पुलिस से बचने के लिए यह सभी बिटकाइन (Bitcoin) और अन्य क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में लेनदेन करते थे। पुलिस को इनके पास से लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल और बैंक खातों की डिटेल मिली है, जिनकी जांच की जा रही है। सभी के खिलाफ धारा 406, 420, 467, 468, 471 व 66 (सी), 66 (डी) आईटी एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि अपराध शाखा और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इस गैंग का खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि फर्जी वेबसाइट के जरिये 8 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की गहनता के साथ पड़ताल शुरू की थी।

इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर क्रिमनिल गैंग के कुलजीत सिंह पुत्र सरदार दर्शन सिंह निवासी 178 हरिहरगंज थाना हरीहरगंज जनपद फतेहपुर, सौरभ शुक्ला पुत्र विजय नारायण शुक्ला निवासी हरवंशपुर थाना सजैती जनपद कानपुर नगर, राजकुमार दिवाकर पुत्र कामता प्रसाद निवासी रामनगर न्यू कालोनी थाना फ्रेण्डस कालोनी इटावा, दीपक शर्मा पुत्र श्यामबिहारी निवासी नौरंगाबाद थाना कोतवाली इटावा और चरन सिंह पुत्र ज्वाला प्रसाद निवासी वीरनगर जनपद आगरा को गिरफतार किया गया है। इनके कब्जे से 1 लैपटॉप डेल कम्पनी, एक टैबलेट एमआई कम्पनी, 4 मोबाइल फोन (वीवो), 4 चेकबुक और एक पासपोर्ट बरामद किया गया है। आईजी मोहित अग्रवाल ने पुलिस टीम को 50000 का इनाम देने का ऐलान किया है।

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5 मार्च को दर्ज हुआ था ठगी का मामला
उन्होंने बताया कि 5 मार्च को थाना कोतवाली पर एटा के रहने वाले यशोदा नन्दन ने मामला दर्ज कराया था कि उसके साथी मोहम्मद सामीन दीवान इंटरनेशनल में साझेदार हैं। एक मार्च को कुलजीत सिंह एवं सौरभ शुक्ला ने पक्का तालाब चौराहे पर मिलने के लिए बुलाया था, जिनके ग्लोब-पे पर मेरे मित्र को कम कीमत पर उसके साथ आनलाइन रुपए को डॉलर में परिवर्तित करने का लालच देकर 8 लाख रुपए की साइबर ठगी की गयी।

ब्लॉकचेन तकनीकी से करते थे लेनदेन
पकड़े गये साइबर क्रिमिनलों ने बताया कि वह कई विदेशी डार्कबेव हैकर्स के संपर्क में रहते हैं जो उन्हें सभी साइटों के उपयोगकर्ता के नाम व पासवर्ड उपलब्ध कराते हैं और निवेशकों को 50 प्रतिशत की दर से विदेशी मुद्रा प्रदान करने का लालच देकर रुपयों की ठगी करते हैं और जाली जमा रशीद जारी करते हैं जो हुबहू वास्तविक लेनदेन की प्राप्ति की रशीद लगती है। गिरफ्तार आरोपियों को दीवान इंटरनेशनल फर्म के मालिक के साथ 8 लाख रुपयों की ठगी की गयी थी। इन अपराधियों ने यह भी बताया कि पूरा लेन-देन ब्लॉकचेन तकनीकी पर आधारित है एवं पुलिस निगरानी से बचने के लिए बिटक्वाइन व डॉगक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करते थे।है।

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By- दिनेश शाक्य