
रेलवे अस्पताल इटावा में भीड़
उत्तर प्रदेश के इटावा के रेलवे अस्पताल से घर अनियमित निकलकर सामने आई है। जब एक्सपायरी दवा मरीज को दी गई। मरीज ने जब घर में अस्पताल से मिली दवा का निरीक्षण किया तो वह एक्सपायरी थी। इस संबंध में जब शिकायत लेकर वह रेलवे अस्पताल पहुंची, तो वहां पर उसके साथ अभद्रता की गई। पीड़िता का आरोप है कि एक्सपायरी दवा का नाम सुनते ही फार्मासिस्ट ने दवाइयां छीन फेंक दी और उसे अस्पताल में ही बंद कर दिया। रेल कर्मचारियों ने स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ रेलवे मंडल प्रयागराज को लिखित शिकायत की है।
मामला इटावा रेलवे अस्पताल का है। रेल कर्मी की पत्नी लता जो ब्लड प्रेशर और हार्ट की मैरिज है। रेलवे अस्पताल में दवा लेने के लिए गई थी। लता ने बताया कि रेलवे अस्पताल में उसे फार्मासिस्ट विनय चौधरी ने दवा दी। घर में जाकर देखा तो उसके उपयोग की तारीख निकल चुकी थी। जब वह दवा वापस करने पहुंची तो विशाल चौधरी ने उसके साथ अभद्रता की।
अस्पताल में बंद करने का आरोप
लता ने बताया कि बदले में दूसरी दवा देने को कहा। मौके पर मौजूद डॉक्टर राहुल ने अपने स्टाफ से जबरदस्ती धक्का देखकर बाहर निकालने के लिए कहा। विरोध करने पर कर्मचारियों ने अस्पताल में ही उसे बंद कर दिया। उसके चिल्लाने पर दरवाजा खोला बाहर निकाला गया।
जमकर हुई नारेबाजी
लता ने बताया कि उसने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी। जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में रेलवे कर्मी रेलवे अस्पताल पहुंच गए। जहां उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। रेल कर्मचारियों ने संबंध में रेलवे मंडल प्रयागराज को लिखित शिकायत दी है। जिसमें उन्होंने अस्पताल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
क्या कहते हैं फार्मासिस्ट?
इस संबंध में बातचीत करने पर फार्मासिस्ट विशाल चौधरी ने बताया कि इस प्रकार की कोई घटना अस्पताल के अंदर नहीं हुई है। डॉक्टर राहुल आज छुट्टी पर हैं। फिलहाल रेल कर्मियों में स्वास्थ्य कर्मियों के व्यवहार से नाराजगी है।
Published on:
20 Sept 2023 08:03 pm
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