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इटावा सफारी पार्क में टिकट घोटाला मामले में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग, सीएम योगी को लिखा पत्र

-इटावा सफारी पार्क में 5 लाख टिकट बिक्री में हेराफेरी मामले में जांच की मांग,-पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सीएम योगी को लिखा पत्र,-उच्च स्तरीय जांच करा की कार्रवाई की मांग,

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इटावा सफारी पार्क में टिकट घोटाला मामले में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग, सीएम योगी को लिखा पत्र

इटावा सफारी पार्क में टिकट घोटाला मामले में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग, सीएम योगी को लिखा पत्र

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
इटावा. सफारी पार्क (Etawah Safari Park Ticket Scam) में पांच लाख रुपये की टिकट बिक्री हेराफेरी कर धन हड़पने के मामले में पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष (Ex Congress District President) ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इसके लिए उन्होंने सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) को पत्र लिखा है। पूर्व जिलाध्यक्ष उदयभान सिंह यादव ने बताया कि इस मामले की जांच में चतुर्थ श्रेणी कर्मी सोहन सिंह को तो निलंबित कर दिया गया, जबकि वनदरोगा अशोक शर्मा को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। वहीं टिकट बिक्री में शामिल अन्य अधिकारियों व आउट सोर्सिंग कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने इसी वर्ष 26 मार्च को प्रमुख सचिव वन को पत्र लिखा था, उस पर क्या कार्रवाई हुई इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।

उन्होंने अखबारों में प्रकाशित खबरों को लेकर कहा कि मामला प्रकाश में आने पर अफसरों द्वारा घोटाले का रुपया जमा करा घोटाले को दबा दिया गया और मामले को रफादफा कर दिया गया। मगर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि नवंबर 2019 में सफारी शुरू हुआ, तब से लेकर अब तक की टिकट आय की उच्च स्तरीय जांच करायी जाए। साथ ही पूर्व के निदेशकों को भी जांच के दायरे में लाया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि कारपस फंड में इटावा सफारी पार्क को 80 करोड़ रुपये मिले थे, जो अब तक ब्याज मिलाकर 85 करोड़ रुपये हो जाने चाहिए, लेकिन इसमें से एक करोड़ रुपये खर्च कर दिया गया। जबकि नियमानुसार कारपस फंड के ब्याज से 85 फीसद धनराशि ही खर्च करने का प्रावधान है, फिर पुन: 15 फीसद मूलधन में जमा करने का प्रावधान है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।