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अवैध रूप से ठेकेदार करते हैं मछली और कछुए का शिकार

अवैध रूप से किया जाता है मछली और कछुए का शिकार। नहीं की जाती कोई कार्रवाई

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अवैध रूप से ठेकेदार करते हैं मछली और कछुए का शिकार

इटावा. प्रतिबंधित चंबल सेंचुरी में दबंग माफियाओं के ठेकेदार इन दिनों व्यापक पैमाने पर अवैध रूप से शिकार करने में जुटे हुए हैं। जिसमें विभागीय कर्मचारियों पर ठेकेदार से मोटी रकम लेकर शिकार करने के आरोप लग रहे हैं। वहीं सेंचुरीकर्मी भी बखूब शिकारियों की हिफाजत करते देखे जाते है। क्षेत्रीय समाज सेवियों ने उच्चाधिकारियों से सेंचुरीकर्मियों के मोबाईल नंबर ट्रेस कराने की मांग की है। ऐसा इसलिए ताकी उक्त मामले पर पड़ा पर्दा हटाया जा सके।

लगातार करते हैं मछली का शिकार

चंबल सेंचुरी में मौजूदा समय सेंचुरी कर्मियों की मिली भगत से सर्किल के थाना चकरनगर, सहसों, भरेह व बिठौली के दो दर्जन से अधिक गांव के शिकारियों के अलावा औरैया व जालौन जनपद के सैकड़ों शिकारी अवैध रूप से मछली व कछुओं का शिकार कर रहे हैं। शिकारी चंबल क्षेत्र में ही कई महीने से अपना अड्डा बनाये हुये हैं, जो दिन के समय बाजार से मसाले तो खरीद लाते हैं लेकिन ये निरंतर मछली का ही आहार कर रहे हैं।

दबंग व्यक्ति के इशारे पर किया जा रहा है शिकार

बताते चलें कि चंबल नदी में शिकार के शिकारियों की अलग अलग रेट सूची है, जो शिकारी भरेह यमुना चंबल संगम और पचनद से लेकर चंबल सहसों पुल तक शिकार करते हैं। उसे विभाग को ढेड़ हजार से लेकर दो हजार चुकाने पड़ते हैं और कुछ चुनिन्दा शिकारी चंबल पुल से उदी के लिये आगे निकाले जाते है। उनसे पांच हजार रुपये की धन उगाही की जाती है। सूत्रों की मानें, तो चंबल सेंचुरी क्षेत्र में होने वाली अवैध शिकार औरैया जनपद के एक दबंग व्यक्ति के इशारे पर की जा रही है। दबंग व्याक्ति द्वारा ही शिकारियों को शिकार से पहले ही धन दे दिया जाता है। सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि चकरनगर के सेंचुरीकर्मी उक्त औरैया जनपद के दबंग माफिया की अड्डी तक जाते है, जहां दामाद की भांति उनकी खातिरी की जाती है और मोटी रकम भी दी जाती है।

शिकारियों तक पहुंचती है अधिकारियों की सूची

इसके उपरांत सेंचुरीकर्मी भी बखूबी अपना बादा निभाते हुए अधिकारियों की सूचना शिकारियों तक पहुंचाते हैं और उनकी पूरी हिफाजत करते हैं। वहीं बताते चलें कि विभागीय अधिकारियों द्वारा यदि चकरनगर के सेंचुरी कर्मियों के मोवाईल नंबर टे्स करवा लिये जांये, तो उक्त मामले की हकीकत किसी से छिपी नहीं रह जायेगी। चकरनगर थाना क्षेत्र के गांव पालीघार, छिवरौली, नौगावा, डिभौली, कछपुरा, ककरैया, भरेह थाना क्षेत्र के गांव महुआसूंडा, हरपुरा, पथर्रा, अमदापुर, नीमाढांडा, पुरा मल्हान, हरौली तथा बिठौली थाना क्षेत्र के गांव गोपियाखार, मचल की मढैंया, लालपुरा, कंधावली आदि के शिकारी सेंचुरी कर्मियों की मिली भगत से व्यापक पैमाने पर अवैध शिकार करते हैं।

चकरनगर क्षेत्र के अलावा औरैया जनपद के अयाना थाना क्षेत्र के गांव असेवा, बबाईन, पुरवा, नगरा, तितारपुर, बटपुरा, गूंज तथा जालौन जनपद के रामपुरा थाना क्षेत्र के गांव कंजौसा, मढेपुरा, जुहीका आदि के सैकड़ो शिकारी सेंचुरी कर्मियों से सांठगांठ कर प्रतिबंधित चंबल सेंचुरी क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर मछली व कछुओं की शिकार कर रहे हैं।

इन जगहों पर ठहरते हैं शिकारी

भरेह थाना क्षेत्र में यमुना चंबल नदी का संगम, नीमाढाडा, पथर्रा, महुआसूंडा, नौगावाघाट, चकरनगर थाना क्षेत्र में छिवरौली, पालीघार, कुन्दौल, बछेडी, जगतौली, बरेछा होते हुए कसौआ से लेकर उदी चंबल पुल तक तथा बिठौली थाना क्षेत्र के पचनद संगम से लेकर गोपियाखार, मचल की मढैयां, लालपुरा, कतरौली, बंशरी, रावनी व सहसों थाना क्षेत्र के गांव, पिपरौली गढिया, कुंअरपुरा, नीवरी, सिद्धनाथ बाबा मंदिर के समीप, सहसों, मिटहटी, कोला, टिटावली, भोया भाट की देवी, विण्डवा कला वगैरह स्थानों पर दूर दराज के शिकारी रात में ठहरते हैं। वहीं खाना बनाते हैं और मछली व कछुओं का बडे पैमाने पर शिकार करते हैं।

चंबल सेंचुरी के रेंज अफसर गिरजेश तिवारी का कहना है कि आरोप लगते रहे है, उसमें सच्चाई भी होती है। हमारे सूचना तंत्र से उनका सूचना तंत्र अधिक तेज है। इतने संसाधन नहीं है, फिर भी प्रयास किया जा रहा है और कार्यवाही की जाएगी।