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सैफई आयुर्विज्ञान संस्थान में मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के गर्भवती होने का मामला: जांच रिपोर्ट तैयार

Saifai Institute of Medical Sciences: इटावा के सैफई आयुर्विज्ञान संस्थान में शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आई थी। जांच के लिए बनाई गई समिति ने अपनी रिपोर्ट संस्थान प्रशासन को दे दी है।

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फोटो सोर्स- पत्रिका

फोटो सोर्स- पत्रिका

Saifai Institute of Medical Sciences: इटावा में मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में 9-सदस्यीय समिति बनाई गई थी। जिसने अपनी रिपोर्ट कॉलेज प्रशासन को दे दी है। इसके पहले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और विभागाध्यक्ष सहित 12 से अधिक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। सील बंद रिपोर्ट पर चर्चा करने के लिए 28 मार्च को कार्यकारिणी परिषद की बैठक बुलाई गई है। जिसमें रिपोर्ट पर चर्चा होगी। मामला आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई का है।

38 वर्षीय विक्षिप्त महिला हुई गर्भवती

उत्तर प्रदेश के इटावा के आयुर्विज्ञान संस्थान सैफई में शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जब 38 वर्षीय महिला को गर्भ ठहरने की पुष्टि हुई। 17 मार्च को की गई। जांच में यह बात सामने आई। संस्थान की विभागीय जांच में सफाई कर्मी रविंद्र कुमार वाल्मीकि को दोषी पाया गया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

उपचार के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन

गर्भवती विक्षिप्त महिला के उपचार के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया। जिसकी निगरानी में महिला का उपचार चल रहा है। पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए 9 सदस्य समिति बनाई गई थी। चिकित्सा संकाय अध्यक्ष प्रोफेसर डा. आदेश कुमार की अध्यक्षता में 9 सदस्य समिति बनाई गई थी, जिसकी सील बंद रिपोर्ट विद्यालय प्रशासन को सौंपी गई है।

क्या कहते हैं कुलसचिव?

इस संबंध में कुलसचिव दीपक वर्मा ने बताया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बीते दिनों हुई बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। बैठक में हर पहलू पर विचार-विमर्श किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि कुल सात बिंदुओं पर चर्चा की गई।

28 मार्च को कार्यकारिणी परिषद की बैठक

जिसमें घटना की जानकारी होते ही मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपी सफाई कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पीड़िता के स्वास्थ्य के लिए विशेष निगरानी की जा रही है। सभी प्रकार के मेडिकल परीक्षण कराए गए हैं। इस घटना में शामिल किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बक्सा नहीं जाएगा। सख्त कार्रवाई की जाएगी। 28 मार्च को कार्यकारिणी परिषद की बैठक होगी। जिसमें सील बंद रिपोर्ट पर चर्चा होगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।