
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुलायी सहयोगी दलों के विधायकों की बैठक, नाराज शिवपाल पहुंचे दिल्ली
समाजवादी पार्टी में चल रहे सत्ता संघर्ष का दौर थमने का नाम नही ले रहा है। अपने भतीजे सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अपरिपक्व नेता करार देते हुए चाचा शिवपाल सिंह यादव ने दावा किया है राष्टपति चुनाव मे उनका वोट एनडीए उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू के पक्ष में जाएगा। इटावा मे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रमुख शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि अखिलेश यादव में परिपक्वता की कमी है। वह अपरिपक्व नेता हैं। नेताओं का सम्मान नहीं करते हैं। शिवपाल यादव ने कहा कि उनके साथ बड़ा धोखा हुआ है। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले उनके घर पर आए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश ने उनकी पार्टी को प्रदेशभर में सीटें देने और सम्मान देने का आश्वासन दिया था लेकिन सम्मान और जिम्मेदारी नहीं दी। अगर दी होती तो समाजवादी पार्टी आज यूपी की सत्ता में होती। शिवपाल ने सवाल करते हुए कहा कि सपा में नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के बाद मुझसे बड़ा नेता कौन है? लेकिन मुझे बैठकों में ही नहीं बुलाया जाता। मेरी उपेक्षा की वजह से वर्ष 2014, 2017, 2019, 2022 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में लगातार सपा को हार का सामना करना पड़ा। यदि मुझे स्टार प्रचारक ही बना देते तो लोकसभा उपचुनाव में आजमगढ़ में सपा की जीत होती।
शिवपाल यादव ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में वो एनडीए की उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू को वोट देंगे, क्योंकि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के यहां आयोजित डिनर के दौरान मुलाकात होने पर मुझसे वोट मांगा जबकि न तो यशवंत सिन्हा ने न अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए वोट मांगा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में राष्ट्रपति पद के चुनाव में रामनाथ कोविन्द को भी उन्होंने वोट दिया था। उन्होंने भी दो बार वोट मांगा था।
प्रसपा को मजबूत करने पर देंगे जोर
शिवपाल यादव केवल यही तक नहीं रुके। उन्होंने कहा कि वह अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया को मजबूत करने पर अब जोर देंगे। इस साल के आखिर मे होने वाले निकाय चुनाव में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया अपने उम्मीदवार उतारेगी। सपा से अब कोई भी समझौता नही किया जाएगा । 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि अभी काफी वक्त है, जब चुनाव करीब आएगा तो वह अपनी रणनीति मीडिया से साझा करेंगे। अखिलेश यादव में अभी परिपक्वता की कमी है। परिपक्वता की कमी न होती तो उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव का नतीजा यह न होता। उन्होंने रामपुर और आजमगढ़ लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को मिली करारी हार पर कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें चुनाव में न तो कोई जिम्मेदारी दी और ना ही स्टार प्रचारकों की लिस्ट में शामिल किया। अगर उन्हें जिम्मेदारी दी गई होती तो कम से कम आजमगढ़ की सीट जीत कर उन्हें दे देता।
Published on:
14 Jul 2022 12:37 pm
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