
Shivpal
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बागी चाचा प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भले ही अभी भारतीय जनता पार्टी में शामिल ना हुए हो लेकिन भाजपा के नेता उनको माननीय कहकर के इज्जत देने में जुट गए हैं। पीएसपीएल प्रमुख शिवपाल सिंह को यह इज्जत कहीं और नहीं बल्कि खुद उनके गृह जिले इटावा में भारतीय जनता पार्टी के नेता देने में जुट गए हैं। अखिलेश के बागी चाचा शिवपाल सिंह यादव को उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के.के.राज भाजपा में शामिल होने को फायदेमंद मानते हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह पीएसपीएल प्रमुख शिवपाल सिंह यादव पर अंतिम निर्णय लेगे।
Shivpal Yadav will Join BJP
उन्होंने कहा कि शिवपाल सिंह यादव बड़े नेता है इसलिए भाजपा को हर हाल में फायदा ही होगा ।
बताते चले कि विगत 26 मार्च से शिवपाल सिंह के भाजपा में शामिल होने की चर्चाएं चल रही है।
शिवपाल सिंह यादव को इज्जत देने वाला बयान देने वाले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता के.के.राज मौजूदा वक्त में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के सदस्य और 1991 में इटावा जिले की लखना विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के एमएलए निर्वाचित हो चुके हैं । राजनीति की मुख्यधारा में आने से पहले के.के.राज 1988 में इटावा नगर पालिका परिषद के सभासद निर्वाचित हुए थे। के.के.राज को इटावा मे दलित राजनेता के तौर पर प्रभावी माना जाता है । कोरी बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले के.के.राज भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कद्दावर नेताओं के बेहद करीबी माने जाते हैं।
अखिलेश यादव से ज्यादा इज्जत शिवपाल को
भारतीय जनता पार्टी के नेता समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बागी चाचा शिवपाल सिंह यादव को जिस तरह से इज्जत दे रहे हैं । उससे एक बात साफ होती हुई यह दिखाई दे रही है कि भारतीय जनता पार्टी के नेता कहीं ना कहीं शिवपाल सिंह यादव के प्रति विनम्र और विनम्र बन रहे हैं।
शिवपाल यादव के लिए विनम्र होते नज़र आ रहे भाजपाई
भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का शिवपाल सिंह यादव के प्रति नम्र और विनम्र बनना यह बता रहा है कि कहीं ना कहीं उनको इस बात का एहसास हो रहा है कि भारतीय जनता पार्टी हाईकमान शिवपाल को अपने खेमे में खड़ा करने की कबायत में जुट गया है इसीलिए भाजपा नेता शिवपाल को इज्जत देने में जुट गए है। भारतीय जनता पार्टी के नेता की ओर से माननीय ओर बड़े नेता बता कर दी जा रही इज्जत कही ना कही बड़े इशारे जरूर कर रही है। इन इशारों को समझने के लिए कुछ वक्त का इंतज़ार जरूर करना पड़ेगा ।
राजधानी लखनऊ में 26 मार्च को हुई समाजवादी पार्टी की बैठक में ना बुलाए जाने को लेकर के खफा शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश यादव की कार्यशैली को लेकर के कई और सवाल खड़े कर रखे हैं और इन्हीं सवालों के बीच 9 अप्रैल को एमएलसी चुनाव के मतदान के वक्त सैफई में शिवपाल सिंह यादव ने यह कह कर के सनसनी पैदा कर दी कि उन्होंने जिस को भी वोट दिया है जीत उसी की होगी । इससे पहले शिवपाल सिंह यादव की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलाकात के बाद उनके भाजपा में जाने की चर्चाएं लगातार बनी हुई है।
शिवपाल सिंह यादव के भाजपा में जाने की चर्चाओं के बीच 8 अप्रैल को उनके बड़े भाई समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव भी इटावा पहुंचे थे लेकिन शिवपाल सिंह यादव ने उनसे मुलाकात करने की कोई जरूरत नहीं समझी उल्टे पत्रकार को यह कहकर कि तुम नेता जी से मुलाकात कर लो । नेता जी मैनपुरी में संवाद कार्यक्रम में भाग लेने के बाद लखनऊ चले गए उसके बाद शिवपाल सिंह यादव अपने संगठन को भंग करने के बाद इटावा पहुंच गए हैं।
शिवपाल सिंह यादव अपने अगले कदम के लिए अपने समर्थको के बीच बैठ कर बैठके करने मे जुटे हुए है । वैसे यह बात भी बडी ही रोचक कही जा रही है कि विधानसभा चुनाव से पहले ही शिवपाल सिंह यादव की पार्टी पीएसपीएल के अधिकाधिक नेता भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर चुके है । उसके बाद अब शिवपाल के भाजपा मे जाने की चर्चाए तेजी पकडे हुए है।
Published on:
16 Apr 2022 06:51 pm
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