
डंडे बरसाने वाली पुलिस आखिर लोगों को क्यों दे रही है गुलाब का फूल, पुलिस के इस बदले मिजाज से हर कोई हैरान
इटावा. अगर कोई पुलिस अधिकारी और पुलिसकर्मी किसी व्यक्ति को गुलाब का फूल भेंट करे तो इसे बड़े ही आश्चर्य के तौर पर निश्चित ही देखा जाएगा क्योंकि पुलिस की छवि ऐसी बनी हुई है कि वर्दी धारी को देखते ही लोग दूर भागने लगते हैं ऐसे में अगर कोई पुलिस कर्मी या फिर पुलिस अफसर किसी को गुलाब का फूल भेंट करें तो निश्चित ही यह आश्चर्य की बात ही मानी जाएगी।
लोगों को दिया गुलाब का फूल
जी हां! लेकिन ऐसा हकीकत में हुआ है उत्तर प्रदेश के इटावा शहर में जहां लोगों की जान बचाने की गरज से हेलमेट लगाओ जान बचाओ मोटर बाइक रैली उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह के निर्देश पर निकाली गई और इस रैली के दरम्यान राह चलते हुए मोटरसाइकिल सवार लोगों ने हेलमेट लगाकर रखा हुआ था। शहर के चौराहे पर एकत्रित करके एसपी सिटी विनीत जायसवाल और इटावा के पुलिस उपाधीक्षक डाक्टर अंजनी कुमार चतुर्वेदी गुलाब का फूल भेंट कर गांधीगिरी का एक ऐसा नायब नमूना पेश किया है। जिसकी चर्चा पुलिस महकमे में तो हो ही रही है वहीं आम आदमी भी पुलिस के इस सार्थक पहल पर अपनी रायसुमारी करने में जुटा हुई दिखाई दे रहा है।
निकाली बाइक रैली
असल में उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह के निर्देश पर रविवार शाम इटावा में पुलिसकर्मियों कि हेलमेट लगाकर के एक मोटर बाइक रैली निकाली गई। जिस रैली में हेलमेट लगाओ जान बचाओ नारों के जरिए उन लोगों को जागरुक करने की पहल की गई जो मोटर साइकिल चलाने के दरम्यान हेलमेट लगाने की जरूरत महसूस नहीं करते हैं। बाद में जब हादसा पैसा जाता है तब शर्मिंदगी का इजहार करते हुए नजर आते हैं।
बिना हेलमेट आफत में डालते हैं जान
जैसे-जैसे बेहतर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है और उन पर मोटर बाइक बड़ी तेजी पर लोग गुजारने में जुट गए हैं। ऐसे में बिना हेलमेट लगाए कई लोगों की सड़क हादसों में मौत के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस में इस तरह का निर्णय लिया कि जो लोग हेलमेट लगाकर के मोटर बाइक नहीं चलाते हैं। उनके चालान करने के बजाए उनको गांधीगिरी के जरिए समझाने की पहल की जाए तो शायद उनके मन और मस्तिष्क में पुलिस के प्रति एक ऐसी भावना का जन्म हो जिसको लेकर के अभी तक नेगेटिव सोच बनी रही है।
लोगों तक संदेश पहुंचाने की कोशिश
इटावा के एसपी सिटी विनीत जायसवाल ने शास्त्री चौराहे पर हेलमेट लगाए कई लोगों को गुलाब का फूल देकर के ना केवल सम्मानित किया, बल्कि उनके जरिए उन लोगों तक एक संदेश भी पहुंचाने की कोशिश की जिसकी आज बड़ी ही महत्ती जरूरत का एहसास हो रहा है। क्योंकि किसी भी व्यक्ति की जान हेलमेट के अभाव में जाती है। हेलमेट की कीमत बमुश्किल 1000 के आसपास है और हजार रुपए के हेलमेट के अभाव में अगर किसी की जान चली जाती है तो इससे बड़ा दर्द और क्या हो सकता है।
डीजीपी के निर्देश पर किया ये काम
गांधीगिरी के जरिए बिना हेलमेट लगाए मोटर बाइक चलाने वालों को एक नए तरह का संदेश देने की अगुवाई करने वाले इटावा के एसपी सिटी विनीत जायसवाल ने बताया कि वैसे तो उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह के निर्देश पर इस प्रक्रिया को अपनाया जा रहा है। लेकिन हेलमेट लगाए मोटरसाइकिल सवार लोगों को गुलाब का फूल देकर एक तरह से नए संदेश को देने का काम किया गया है। निश्चित है कि पुलिस की इस पहल का असर ऐसे लोगों पर जरूर होगा जो बिना हेलमेट के मोटरबाइक चलाते हैं।
Updated on:
29 May 2018 08:29 am
Published on:
29 May 2018 08:27 am
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