
मुलायम-अखिलेश के गढ़ में विहिप के कैंप ने बढ़ाई सियासी 'सरगर्मी'
दिनेश शाक्य
इटावा. समाजवादी गढ़ इटावा में आरएसएस के प्रशिक्षण कैंप के बाद विहिप के कार्यकर्ता शिविर ने एक बार फिर से भीतर ही भीतर नये राजनैतिक समीकरणों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय होने का संकेत दिया है। उत्तर प्रदेश के इटावा मुख्यालय स्थित मोतीझील पर स्थापित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर मे विश्व हिंदु परिषद के कानपुर प्रांत के 21 जिलों के कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। कैंप खत्म होने के बाद प्रशिक्षण पाये विहिप कार्यकर्त्ता घर घर जाकर भाजपा के पक्ष में काम करेंगे। ऐसी खबरें सामने निकल कर आ रही हैं, लेकिन इन खबरों को कोई भी विहिप पदाधिकारी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहा है।
इटावा में करीब दो साल पहले आरएसएस का भी कैंप लग चुका है, जिसके पथ संचलन पर मुस्लिम वर्ग की महिलाओं की ओर से पुष्पवर्षा किये जाने की तस्वीरें सारे देश में सुर्खियां बटोर चुकी हैं। अब विहिप का यह कैंप भी इसी तरह से किसी नये राजनैतिक समीकरण की तैयारी करता हुआ दिखाई दे रहा है। भारतीय जनता पार्टी के सहयोगी संगठन के तौर पर काम करने वाले विहिप के इस कैंप को बड़ी ही गंभीरता से लिया जा रहा है। असल में इस कैंप के जरिये भाजपा समाजवादी गढ़ में अपनी जड़ें पूरी तरह से जमाने की फिराक में है। वैसे तो इटावा में सांसद, भरथना और इटावा सदर सीट पर भाजपा का कब्जा है, लेकिन जसवंतनगर सीट पर अभी भी भाजपा अपनी ताकत पूरी तरह से नहीं दिखा पाई है।
धर्मांतरण का मुद्दा गूंजा
सरस्वती शिशु मंदिर में कानपुर प्रांत के 21 जिलों के चले रहे विश्व हिंदु परिषद के कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग में धर्मांतरण का मुद्दा बड़े ही जोर शोर से उठा। कैंप का शुभांरभ कानपुर प्रांत के अध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा ने करते हुए कहा कि यमुना नदी के किनारे बसे इटावा मे हिंदुत्व की जड़ें मजबूत करने की बेहद जरूरत बताते हुए कहा कि यहं पर ऐसी शक्तियं प्रभावी हैं जो कहीं न कहीं हिंदुत्व को कमजोर करती हुई दिखाई दे रही हैं। देश में घर्मांतरण आज के वक्त मे सबसे घातक समस्या के तौर पर उभर रहा है, क्योंकि हिंदु समाज के लोगों को ईसाई धर्म से जुड़े हुए लोग लालच के बल पर धर्मांतरण करवाने में जुटे हुए हैं।
पैसों का लालच देकर हिंदुओं का करते हैं धर्मांतरण
धर्म प्रचार प्रमुख सुबोध सिंह का कहना है कि एक परिवार के धर्म परिवर्तन कर लेने मात्र से हमारी पीढ़ी में हिंदू समाज के हजारों सदस्यों की क्षति हो जाती है। देश की आजादी से पूर्व मुठ्ठी भर ईसाई थे, आज देश के अंदर 1 वर्ष में छह लाख धर्मांतरण होते हैं। धर्मांतरण कराने के लिए विदेशी ताकतें एक जाति संप्रदाय के विशेष लोगों को बहुत धन्यवाद व साधन उपलब्ध कराती हैं। धन तंत्र के बल पर गरीब और कमजोर तबके के हिंदू भाई बेबसी और लाचारी के चलते ईसाई अथवा इस्लामिक धर्म अपना कर धर्म परिवर्तन कर लेते हैं। हमें आज हिंदू धर्म के सामर्थ्यवान लोगों को इनकी मदद करने के लिए संगठित प्रयास करने होंगे, तभी हमारे यहां से प्रभावी ढंग से धर्मांतरण रुक सकेगा।
सावधान रहें हिंदू
युवा शक्ति धर्म प्रसार मंच के जिला संयोजक प्रदीप तिवारी ने कहा कि हमें अपने घर परिवार और समाज की आबोहवा व जीवन शैली पर बारीक नजर रखनी होगी। हमारी युवा पीढ़ी छोटे छोटे से लालच में फंसकर गैर धर्म संप्रदाय के लोगों के चक्ककर में फंसकर अपना सर्वस्व लुटा कर धर्म को बर्बाद कर देते हैं। हमें विशेष रूप से सावधान रहते हुए इन पर कड़ी नजर रखनी है और अपनी बहन बेटियों को बचा के रखना है।
हिंदुत्व को बचाये रखने के लिये चौकन्ना रहना होगा
जिलाध्यक्ष विनोद शर्मा ने कहा कि हमें हिंदुत्व को बचाए रखने के लिए विशेष सजग और चौकन्ना रहने की जरूरत है। हमारे आसपास में क्या हो रहा है और क्या घट रहा है और किन क्रियाकलापों से हिंदुत्व को धार्मिक परिवर्तन का खतरा पैदा हो सकता है? उन खतरों को भापते हुए उनकी रोकथाम पूर्व में ही करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है।
किसान की सुध नहीं ली तो सरकार को खामियाजा भुगतना पड़ेगा
विश्व हिंदू परिषद के प्रशिक्षण वर्ग में आए लोगों ने ग्रामीण समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि किसानों की स्थिति दिनो-दिन दयनीय होती जा रही है गांव में अन्ना मवेशी खुले घूम रहे हैं। जानवरों की वजह से फसलें चौपट हो रहीं है और किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच रहे हैं। इसका खामियाजा आने वाली सरकार को चुनाव में भुगतना पड़ेगा, यदि समय रहते इसका समुचित प्रबंधन न किया गया तो देश की बहुतायत आबादी वाला किसान सरकार को ठेंगा दिखाने का काम करेगा।
Published on:
03 Jun 2018 12:38 pm
बड़ी खबरें
View Allइटावा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
