
ब्रिटेन में 'इस्लामोफोबिया' की परिभाषा को लेकर बढ़ा विवाद
लंदन।ब्रिटेन में पुलिस प्रमुखों और मुस्लिम समूहों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। दरअसल, ब्रिटेन में गैर-मुस्लिम अपराधों के संदर्भ में दोनों पक्ष इस्लामोफोबिया ( इस्लाम विरोधी घृणा ) की परिभाषा को लेकर एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हैं। All Occasion Parliamentary Community की ओर से ब्रिटेन के मुस्लिमों पर आधारित इस्लामोफोबिया को परिभाषित किया गया है, जिसमें कहा गया है कि 'इस्लामोफोबिया की जड़ें जातिवाद में निहित है और यह जातिवाद का एक फैशन है जो मुस्लिम या मुस्लिम प्रदर्शित करने वाले चिन्हों को निशाना बनाता है।’ हालांकि, यूके की नेशनवाइड पुलिस चीफ काउंसिल ( NPCC ) ने बुधवार को एक बयान में चेतावनी देते हुए कहा कि यह परिभाषा शायद और अच्छी तरह से हो सकती है और भ्रम की स्थिति से बहुत दूर भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि हम घृणित अपराधों की सभी रिपोर्टों को वापस लेते हैं और उनका पूरी तरह से अध्ययन करना चाहते हैं। वहीं दूसरी तरफ, NPCC के अध्यक्ष मार्टिन हेविट ने स्वीकार किया है कि ब्रिटिश मुस्लिमों पर All Occasion Parliamentary Community के द्वारा प्रस्तावित इस्लामोफोबिया की परिभाषा को लेकर कुछ चिंताएं भी हैं।
सदन में इस्लामोफोबिया पर चर्चा
इस्लामोफोबिया की परिभाषा को लेकर सियासी दलों और मुस्लिम समूहों के बीच कई तरह के विचार सामने आ रहे हैं। अब गुरुवार को इस संदर्भ में पीएम थेेरेसा मे के साथ चर्चा की जाएगी। संभवत: इसे स्वीकार करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है। इसके बाद सदन में चर्चा के लिए बहुत जल्द इसे लाया जाएगा। सदन में इस बात पर चर्चा की जाएगी कि क्या इस्लामोफोबिया की जो परिभाषा अभी दी गई है, उसे लागू किया जा सकता है या नहीं।
कई दलों ने परिभाषा पर जताया समर्थन
बता दें कि अभी इस्लामोफोबिया को लेकर जो परिभाषा दी गई है उसे विपक्षी दलों जैसे लेबर पार्टी और लिबरल डेमोक्रेट्स का समर्थन मिला है, क्योंकि हाल के दिनों में लंदन मेयर स्पेस ऑफ जॉब ने ब्रिटेन में इस्लामोफोबिक हमलों की बढ़ती संख्या को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी। श्रम डेटा जो घरेलू हिंसा की स्थिति को बताता है, उसके अनुसार पुलिस द्वार दर्ज किए गए घृणित अपराधों में से 52 फीसदी मुस्लिमों के खिलाफ हुए हैं।
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Updated on:
16 May 2019 07:17 am
Published on:
16 May 2019 05:12 am
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