
ब्रिटेन: किशोरियों के यौन उत्पीड़न मामले में 22 लोगों को जेल, अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक
लीड्स (इंग्लैंड)। उत्तरी इंग्लैंड में दर्जनभर से अधिक किशोरियों के दुष्कर्म और उत्पीड़न के मामले में 22 लोगों को जेल की सजा सुनाई गई है। इनमें अधिकतर पाकिस्तानी नागरिक है। ये सभी लोग एक गैंग का हिस्सा थे, जो किशोरियों को अपना शिकार बनाता था। कोर्ट ने इन्हें 11 से 17 साल की 15 बच्चियों के साथ यौन दुराचार का दोषी पाया गया है। सजा पाए लोगों में अधिकतर पाकिस्तान के नागरिक हैं।
22 को हुई सजा
लड़कियों से दुर्व्यवहार की खबरों के बाद 22 लोगों को अदालत ने सजा सुनाई है। बताया जा रहा है कि अमीर सिंह धालीवाल इस गैंग का लीडर था और उस पर दुष्कर्म के 22 आरोप लगे हैं।उसे इस मामले में 18 साल जेल की सजा सुनाई गई । हडर्सफील्ड शहर के रहने वाले थे। इन सभी पुरुषों को इस साल तीन मामलों में दोषी पाया गया था। इन्हें 11 से 17 वर्ष के आयु वर्ग के 15 पीड़ितों के खिलाफ 120 से अधिक अपराधों का दोषी ठहराया गया। अभियोजकों ने कहा कि दोषियों के खिलाफ पीड़ितों को जबरदस्ती शराब पिलाना, पार्टियों और कारों पार्किंग स्थलों में उन्हें छेड़ना और फास्ट फूड रेस्तरां में यौन दुर्व्यवहार करने जैसे मामले सामने आए हैं। जज जेफरी मार्सन ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'जिस तरह से इन लड़कियों के साथ सुलूक किया गया, वह समझ से परे हेै। यह भद्दी और दुष्ट विकृति की मानसिकता है।" मामले में सरगना को छोड़कर अन्य लोगों को पांच से 18 साल कैद की सजा सुनाई गई है।
मिली सख्त सजा
लीड्स क्राउन कोर्ट के न्यायाधीश जेफ्री मार्सन ने गैंग लीडर अमीर सिंह धालीवाल को खराब और दुष्ट कहकर संबोधित किया। ये सभी मामले हडर्सफील्ड, रोचडेल और अन्य कस्बों से आए थे जिनमें से अधिकांश पीड़ित ब्रिटेन के मूल निवासी श्वेत लोग थे। अपने फैसले में जज ने कहा कि ऐसी घटनाओं ने ही ब्रिटेन में जातीय तनाव बढ़ाया है। जज ने स्थानीय अधिकारियों की आलोचना की जो लड़कियों की रक्षा करने में असफल रहे। हालांकि ब्रिटेन में पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि बाल शोषण के मामलों में ज्यादातर अपराधी सफेद पुरुष हैं और लड़कियों के खिलाफ शोषण अधिकांश घटनाएं घर या स्कूलों जैसे संस्थानों में होती हैं। लेकिन पूर्व अभियोजक नाजीर अफजल जिन्होंने कई दुर्व्यवहारियों को मुकदमे में घसीटा है, कहते हैं कि पाकिस्तानी पुरुष हाल ही में ऐसे कई मामलों में दोषी रहे हैं।
Published on:
20 Oct 2018 11:36 am
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