
पाकिस्तान की खुली पोल, दाऊद के गुर्गे जाबिर को अमरीकी प्रत्यर्पण से बचाने के लिए कर रहा हर संभव कोशिश
लंदन। आतंक के खिलाफ लड़ाई को लेकर हमेशा दोहरा चरित्र दिखाने वाले पाकिस्तान की पोल एक बार फिर से खुल गई है। दरअसल, मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम के खास गुर्गा जाबिर मोतीवाला ( D-Company's top lieutenant Jabir Motiwala ) को बचाने के लिए पाकिस्तान पूरी ताकत लगा रहा है।
लंदन स्थित पाकिस्तान के राजनयिक दाऊद के करीबी जाबिर को अमरीका में प्रत्यर्पण ( extradition of Jabir Motiwala to United States ) को लेकर रोड़ा अटकाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान को लग रहा है कि यदि ऐसा हुआ तो दुनिया के सामने फिर से उसकी पोल खुल जाएगी।
वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में जाबिर मोतीवाला के प्रत्यर्पण की याचिका पर सुनवाई के दौरान पकिस्तानी राजनयिकों ने दलील दी कि मोतीवाला गंभीर अवसाद से ग्रस्त है।
वह अमरीका जाने की स्थिति में नहीं है। इतना ही नहीं, पाकिस्तानी राजनयिकों ने यहां तक दलील दी कि जोबिर कई बार आत्महत्या का भी प्रयास कर चुका है।
लंदन की जेल में बंद है जाबिर मोतीवाला
मालूम हो कि जाबिर मोतीवाला लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद हैं। मोतीवाला कराची में रहता था और उसके पास ब्रिटेन का 10 साल का वीजा है। जाबिर पर धनशोधन ( money laundering ) धनशोधन, ड्रग तस्करी और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के साथ काम करने का आरोप है। जाबिर को दाऊद का के बहुत करीबी माना जाता है।
2018 में लंदन में धनशोधन और ड्रग तस्करी के आरोपों में फैड्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन ( fbi ) की सूचना पर जाबिर को गिरफ्तार किया गया था। अब अमरीका में प्रत्यर्पण को लेकर पाकिस्तान जाबिर को बचाने की कोशिश कर रहा है।
भारतीय एजेंसियों के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान ने सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया कि मोतीवाला को पाकिस्तान का एक प्रसिद्ध और सम्मानित कारोबारी है।
जाबिर मोतीवाला पर ये है आरोप
बता दें कि 2018 में स्कॉटलैंड यार्ड की प्रत्यर्पण इकाई ने मनी लॉंड्रिंग और डी-कंपनी के जरिए कमाए गए नारकोटिक्स धन को साझा करने के आरोपों में गिरफ्तार किया था। इसके बाद जाबिर को में मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया।
अमरीका की ओर से कोर्ट में पेस हुए वकील जॉन हार्डी ने दलील दी कि मोतीवाला दाऊद के लिए काम करता है। साथ ही दाऊद के लिए अंडरवर्ल्ड से जुड़ी गतिविधियों को लिए मीटिंग में शामिल होता है।
जॉन ने कोर्ट को यह भी बताया कि मोतीवाला ड्रग्स ट्रैफिकिंग में शामिल है और डी कंपनी के नाम पर यूरोपीय देशों में भी उगाही करता है।
क्यों डर रहा है पाकिस्तान?
दाऊद के करीबी जाबिर मातीवाला के प्रत्यर्पण को लेकर आखिर पाकिस्तान इतना क्यों डर रहा है। दरअसल, पाकिस्तान दाऊद के लिए सबसे सुरक्षित पनाहगार है।
ऐसे में यदि जाबिर का प्रत्यर्पण होता है तो उसके अंडरवर्ल्ड नेटवर्क और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसिस इंटेलिजेंस की साठगांठ का भी खुलासा हो जाएगा।
इसके अलावा पाकिस्तान आतकंवाद के खिलाफ लडा़ई की बात करता है लेकिन अमरीका ने दाऊद इब्राहिम ( Dawood Ibrahim ) को पहले ही एक वैश्विक आतंकवादी घोषित कर चुका है।
अब दाऊद के पाकिस्तान के साथ लिंक सामने आ जाते हैं तो विश्व जगत में पाकिस्तान की फिर से किरकिरी हो सकती है।
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Updated on:
02 Jul 2019 10:56 pm
Published on:
02 Jul 2019 04:16 pm
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