
कैथोलिक ईसाइयों के धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का स्वास्थ्य और 86 की उम्र में पद की जिम्मेदारी निभाना अक्सर सुर्खियों में रहता है। शनिवार, 17 दिसंबर को अपना जन्मदिन मनाने के बाद पोप ने कहा था कि घुटने की बीमारी को छोड़कर उनके स्वास्थ्य का कुछ नहीं बिगड़ा है। पोप ने एक और खुलासा करते हुए कहा है कि 2013 में पोप चुने जाते ही उन्होंने अपने इस्तीफे के एक पत्र (Resignation Letter ) पर हस्ताक्षर कर दिए थे।
यह बताई इस्तीफे की वजह
पोप ने कहा कि इस्तीफा लिखने के पीछे कारण यह था कि इसका उपयोग तब किया जा सकता था जब वे गंभीर और स्थायी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह अपने कर्तव्यों का पालन करने में असमर्थ हो जाए। पोप फ्रांसिस ने कहा कि उन्होंने तत्कालीन वेटिकन सेक्रेटरी ऑफ स्टेट कार्डिनल तारकिसियो बर्टोन को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
इस्तीफे की प्रेरणा इनसे मिली
पोप ने यह भी कहा कि उन्हें पोप पॉल VI (1963-1978) और पोप पायस XII (1939-1958) से प्रेरणा मिलती है, जिनकी मृत्यु पद पर रहते हुए हुई थी। उन्होंने भी ऐसे इस्तीफों पर हस्ताक्षर किए थे। फ्रांसिस ने कहा,'मैंने भी पहले ही अपने इस्तीफे पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।'
पहले भी जता चुके हैं इरादा
उन्होंने यह भी अक्सर कहा है कि अगर उनका स्वास्थ्य उन्हें 1.3 अरब सदस्यीय रोमन कैथोलिक चर्च चलाने से रोकता है तो वह इस्तीफा दे देंगे। फ्रांसिस लंबे समय से ऐसे मामलों के लिए एक आधिकारिक मानदंड की स्थापना के हिमायती रहे हैं, जिनमें दुर्घटना या स्वास्थ्य समस्याएं पोप के काम में बाधा डालती हैं।
Updated on:
18 Dec 2022 01:28 pm
Published on:
18 Dec 2022 01:28 pm
