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खुदाई में मृत भालू के चारों पंजे कटे हुए मिले, मृत अवशेषों को लैब भेजकर कराई जाएगी जांच

बालोद जिले के तांदुला जलाशय में 24 फऱवरी को भालू के शव को वन विभाग द्वारा बिना पोस्टमार्टम के ही गड्ढे खोदकर दफन कर दिया था। इस मामले के उजागर होने के बाद व भालू के नाख़ून व दांत को निकाल लेने की खबर फैलने के बाद वन विभाग की टीम व पशु चिकित्सा विभाग की डॉक्टरों की टीम ने जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर किल्लोबहरा के जंगल में दफन भालू के स्थान पर जाकर विगत दिवस खुदाई कर भालू के शव को बाहर निकाला। पर खुदाई के दौरान चौकाने वाले नजारे देखने को मिले।

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बालोद जिले के तांदुला जलाशय में 24 फऱवरी को भालू के शव को वन विभाग द्वारा बिना पोस्टमार्टम के ही गड्ढे खोदकर दफन कर दिया था। इस मामले के उजागर होने के बाद व भालू के नाख़ून व दांत को निकाल लेने की खबर फैलने के बाद वन विभाग की टीम व पशु चिकित्सा विभाग की डॉक्टरों की टीम ने जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर किल्लोबहरा के जंगल में दफन भालू के स्थान पर जाकर विगत दिवस खुदाई कर भालू के शव को बाहर निकाला। पर खुदाई के दौरान चौकाने वाले नजारे देखने को मिले।

Dead bear . बालोद जिले के तांदुला जलाशय में 24 फऱवरी को भालू के शव को वन विभाग द्वारा बिना पोस्टमार्टम के ही गड्ढे खोदकर दफन कर दिया था। इस मामले के उजागर होने के बाद व भालू के नाख़ून व दांत को निकाल लेने की खबर फैलने के बाद वन विभाग की टीम व पशु चिकित्सा विभाग की डॉक्टरों की टीम ने जिला मुख्यालय से लगभग 40 किमी दूर किल्लोबहरा के जंगल में दफन भालू के स्थान पर जाकर विगत दिवस खुदाई कर भालू के शव को बाहर निकाला। पर खुदाई के दौरान चौकाने वाले नजारे देखने को मिले।

भालू का शव पूरी तरह से गलने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका

यहां भालू के चारों पंजे कटी हुई स्थिति में मिले। उसके बाद और खुदाई की गई तब भालू के शरीर को निकाला गया, जिसमें पाया गया कि भालू के चारों पैर पंजे से अलग हुए थे। ऐसा लगा कि भालू के पैर के पंजे को कांटकर दफन किया गया था और बाद में जब भालू को बगैर पोस्टमार्टम के दफन करने का मामला सामने आया तो कुछ दिन पूर्व ही चारों पंजों को भालू के दफन स्थल पर मिट्टी से दबा दिया गया हो। फिलहाल वन विभाग की टीम भालू के शव का पोस्टमार्टम करने की तैयारी कर रही है लेकिन भालू का शव पूरी तरह से गलने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। वहीं वन विभाग के अधिकारियो व जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में भालू के शव को जलाया गया।

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पैर के पंजे कैसे बाहर दफन, सैंपल जांच के लिए लिया गया

शव को बाहर निकालने व उसकी जांच के दौरान वन विभाग ने पूरी वीडियोग्राफ़ी भी कराई। लेकिन बड़ी बात यह है कि जब शव को बाहर निकालने खुदाई की गई तो खुदाई के दौरान पहले भालू के कटे हुए पंजे ऊपरी हिस्से में ही मिले। वहीं और खुदाई के दौरान पत्थर उसके बाद भालू का शव मिला। भालू के शव में उनके चारों पंजे उनके शरीर के साथ नहीं थे। जांच अधिकारी वन विभाग एसडीओ डिम्पी बैस ने कहा भालू के पंजे ऊपर अलग कैसे आए, यह जांच का विषय है। चारों पंजे को जांच के लिए लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा। इसकी रिपोर्ट लगभग 15 दिन या फिर एक माह के भीतर आ जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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लगभग एक घंटे तक चली जांच

पशु चिकित्सा विभाग से जांच करने सर्जन डॉ. पीएल साहू, डॉ. शीतल ठाकुर, सोमेश जोशी घटना स्थल पर पहुंचे। वहीं खुदाई व शव बाहर निकालने के बाद लगभग एक घंटे तक भालू के शव का जांच परीक्षण किया गया।

तस्करी की आशंका

इधर अब अंदेशा यह लगाया जा रहा है कि भालू के पंजे को कांट कर तस्करी की गई फिर भालू को दफन किया गया। वहीं जब मामला आग की तरह फैला तो फिर चारों पंजे को भालू के दफन स्थल पर खोदकर दोबारा दफन किया गया। फिलहाल इस मामले की जाच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

सहायक परिक्षेत्र अधिकारी व तीन वन रक्षकों को नोटिस जारी

इधर डीएफओ बीएस सरोटे ने सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी भूषण ढीमर व तीन वन रक्षकों को नोटिस जारी किया है। जवाब भी मांगा गया है।

रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह पाएंगे

एसडीओ व जांच अधिकारी बालोद डिम्पी बैस ने कहा अख़बारों के माध्यम से जानकारी मिली कि मृत भालू के शव को बिना पोस्टमार्टम के दफन किया गया। मामले पर डीएफओ ने जांच के निर्देश दिए थे। शनिवार को मामले की जांच करने घटना स्थल पर पहुंचे। सहायक वनरक्षक व वनरक्षकों ने हमें कोई सूचना नहीं दी। वहीं भालू के शव के लिए खुदाई के दौरान भालू के पंजे शरीर से अलग मिले। इसका सैंपल लिया गया और जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह पाएंगे।

अवशेष मिले हैं, लैब भेजा जाएगा

पशु चिकित्सक सर्जन बालोद सोमेश सोरी ने कहा कि पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक द्वारा हमें भालू के शव का पोस्मार्टम करने के निर्देश दिए थे। हमने शव का परिक्षण किया शव पोस्टमार्टम के लायक नहीं था। इसलिए हमने भालू के पंजे, मिट्टी सहित अन्य अवशेष का सेम्पल लिए है। सेम्पल की जांच के लिए लैब भेजा जाएगा।

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