अयोध्या.साल 31 जनवरी 2013 को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने फैजाबाद के राम भवन में रहने वाले भगवानजी उर्फ़ गुमनामी बाबा के प्रकरण में आदेश जारी करते हुए कहा था कि फैजाबाद जिला कलेक्ट्रेट के कोषागार के डबल लॉक में रखे गुमनामी बाबा के सामानों को संग्रहालय में संरक्षित कर उसकी प्रदर्शनी लगाई जाए, लेकिन सरकारी लेटलतीफी का आलम इस कदर है कि इस आदेश के तीन साल बीत जाने के बाद किसी तरह जिला कोषागार से सामानों को निकालकर उनका परीक्षण कराया गया और प्रदर्शनी योग्य सामानों की छंटाई तो कर ली गई, लेकिन उनकी प्रदर्शनी की योजना बजट अभाव में अधर में अटकी है। भले ही प्रदेश सरकार की मंशा चाहे जितनी साफ हो, लेकिन लालफीताशाही की अड़ंगेबाजी के आगे हुक्मरान कितने बेबस होते हैं, इसका ताजा प्रमाण है गुमनामी बाबा ऊर्फ भगवानजी के सामानों के प्रदर्शनी का मामला।