
2019 चुनाव से पहले राम मंदिर निर्माण को लेकर संत लें सकते हैं बड़ा फैसला
अयोध्या : राम के ऊपर ही राम मंदिर निर्माण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद अयोध्या के संतों में एक बार फिर हडकंप मचा दिया हैं. और अब अयोध्या के संतों में अक्टूबर तक के इंतजार के बाद बड़ा फैसला ले की बात सामने आ रही हैं ऐसे में संतों की नाराजगी 2019 चुनाव में भाजपा में बड़ी मुश्किले बढ़ा सकती हैं.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण को लेकर कहा कि मंदिर निर्माण की तारीख अब भगवान राम ही तय करेंगे जब कि इसके पूर्व अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर धैर्य रखने की बात कहते हुए मंदिर की तारीख जल्द आने की बात कहा था. ऐसे में 2019 चुनाव से पहले ही राम मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा में इस तरह का बयान से अयोध्या के संत एक बार फिर नाराजगी दिखाई दे रही हैं.
राम जन्मभूमि के पुजारी सतेन्द्र दास ने बताया कि भगवान राम ही सब कुछ करते हैं भाजपा आज सत्ता में हैं यह भी भगवान राम की ही कृपा रही. योगी आदित्यनाथ द्वारा राम मंदिर को लेकर कई बार बदल बदल कर बयान करना भगवान रामलला के साथ धोखाधडी. भाजपा सत्ता में आने से पहले जो घोषणा पत्र में किया था और साथ ही पूर्ण बहुतमत के बाद मंदिर बनाने की बात कहते थे ऐसे में इस प्रकार से बयान करना गलत हैं भगवान राम ही सत्ता देते है और वहीँ सत्ता को छीन भी लेते हैं. भाजपा का यह अभी मान 2019 चुनाव में टूट जाएगा.
मणि राम छावनी के उतराधिकारी कमलनयन दास ने बताया कि राम मंदिर निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट अक्टूबर तक फैसला दे सकता हैं यदि यह फैसला नहीं आता हैं तो देश में सभी संत महात्मा सभी प्रकार से तैयार हैं और अक्टूबर के बाद संत कुछ भी घोषणा कर सकते हैं. राम मंदिर निर्माण के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं तथा बताया कि संत को 2019 के चुनाव में भाजपा क्या करती हैं इससे कोई मतलब नहीं हैं.
Published on:
02 Sept 2018 03:32 pm
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