
फर्रुखाबाद. शहर के क्रिश्चियन कॉलेज मैदान में भगवान राम ने रावण की नाभि में जैसी ही बाण मारा, रावण धूं-धूं कर जल उठा। रावण के दहन के साथ ही लोगों का हुजूम जय श्रीराम का नारा लगाते हुए दौड़ पड़ा रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले की लकड़ियां लूटने। लोगों में जल रहे रावण के पुतले की लकड़ियां लेने की होड़ सी मच गई। बिना किसी को देखे बस वो लकड़ियां लूट लेना चाहते थे। क्रिश्चियन कॉलेज मैदान पर हजारों की संख्या में लोग थे, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां भी भांजनी पड़ीं, लेकिन लोग नहीं रुके।
रावण के पुतले से पहले उसके भाई कुम्भकर्ण और फिर राणव के पुत्र मेधनाद के पुतले का दहन किया गया। दोनों के पुतले दहन के बाद बनाई लंका को भी आग के हवाले कर दिया गया। आग बुझते ही भीड़ लंका की लकड़ी के लूटने को टूट पड़ी। पूरी लंका भीड़ ने तितर-बितर कर दी। उसकी लकड़ी भीड़ लूट ले गयी। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिये लाठियां भी बजाईं। इसके बाद ही राणण के पुतले का दहन किया गया।
क्यों लकड़ी लूटते हैं लोग
किवदंती है कि जो लोग रावण के पुलते की लकड़ी अपने घर जाते हैं, उनके परिवार से भय भाग जाता है। यही कारण था कि जैसे ही श्रीराम ने रावण बाण चलाया और पुतला धूं-धूं कर जलने लगा, क्रिश्चियन कॉलेज मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। लोगों का हुजूम रावण के पुतले की लकड़ियां लेने के दौड़ पड़ा। लकड़ी खींचने की होड़ के चलते लोगों को असुविधा का भी सामना करना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने लाठियां भी फटकारीं। कई लोग गिरकर चुटहिल भी हुए। इस दौरान आतिशबाजों ने रंगीन आतिशबाजी से सबका मन मोह लिया।
बाल-बाल बचे लोग
रावण के पुतले में आग लगी ही थी कि लोग लकड़ी लूटने लगे। इस दौरान एक बड़ा हादसा होने से बच गया। हुआ यह कि लकड़ी लूटने के दौरान अचानक रावण के पुतले में रखा पटाखा फूट गया, जिससे कई लोग बाल-बाल बच गए।
Updated on:
1 Oct 2017, 12:45 PM IST
Published on:
1 Oct 2017, 8:43 AM IST
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