
सांकेतिक फोटो
फर्रुखाबाद पुलिस लाइन के सिपाही से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने सियासी रंग ले लिया है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी सरकार पर सीधा निशाना साधा है। कांग्रेस ने ट्विटर (X) पर पोस्ट कर कहा है कि "फर्रुखाबाद में सरेआम गुंडागर्दी! शराब के ठेके पर पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही को दबंगों ने बेल्टों और थप्पड़ों से बेरहमी से पीटा।
जब वर्दी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का दावा करने वाली सरकार आखिर किस नींद में सो रही है? 'जीरो टॉलरेंस' का नारा देने वालों के राज में अपराधी बेखौफ हैं और रक्षक लाचार।भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था को अब अपराधी अपनी जेब में रखकर चलते हैं! योगी जी कहते हैं माफिया, बदमाश प्रदेश छोड़कर चले गए हैं, लेकिन आज हकीकत ये है कि माफिया और बदमाशों का प्रदेश पर कब्जा हो गया है!
दरअसल, जसराना क्षेत्र में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। पुलिस लाइन फर्रुखाबाद में तैनात सिपाही राजीव कुमार बीते तीन दिनों से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहा था। घटना के समय वह सादे कपड़ों में पुलिस लाइन गेट के पास था। इसी दौरान मोहल्ला ग्रांटगंज निवासी चार युवक—आकाश श्रीवास्तव, आशिष उर्फ माफिया, आशु श्रीवास्तव और मौसम अली—उसे जिला जेल चौराहे के पास शराब ठेके पर ले गए। वहां सभी ने एक साथ शराब पी। नशे के दौरान कहासुनी हुई जो गाली-गलौज और मारपीट में बदल गई। आरोप है कि विरोध करने पर चारों युवकों ने सिपाही को बेल्ट और थप्पड़ों से जमकर पीटा। पूरी घटना ठेके के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। साथ ही मौजूद लोगों ने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो संज्ञान में आते ही पुलिस हरकत में आई। सिपाही की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। प्रभारी निरीक्षक रणविजय सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी आकाश श्रीवास्तव को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार कर चालान किया गया है। अन्य तीन आरोपी आशिष उर्फ माफिया, आशु श्रीवास्तव और मौसम अली फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक रणविजय सिंह ने बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी आकाश श्रीवास्तव को शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार कर चालान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है और जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जाएगा। वहीं, घटना में शामिल सिपाही की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सिपाही की पिछले कुछ दिनों से गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है, जिसके आधार पर विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
Updated on:
30 Apr 2026 02:04 pm
Published on:
30 Apr 2026 01:28 pm
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