
Bada Mangal 2023 tithi and significance puja vidhi: हिंदू शास्त्रों में प्रत्येक दिन का अपना महत्व है और प्रत्येक दिन एक विशिष्ट देवता को समर्पित माना जाता है। इसी तरह मंगलवार का दिन भगवान हनुमान जी को समर्पित माना गया है। इस दिन न केवल हनुमान जी की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, बल्कि इस पूजा से विशेष फलों की प्राप्ति भी होती है। ज्येष्ठ माह शुरू हो चुका है। इस महीने में मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-पाठ करना बेहद खास माना जाता है। ज्येष्ठ महीने के सभी मंगलवार बेहद खास माने जाते हैं। इस महीने के मंगलवार को बड़ा मंगलवार के रूप में जाना जाता है। ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल कल है, जानें बड़ा मंगलवार का महत्व और पूजा विधि...
बड़ा मंगल की तिथि
इस वर्ष ज्येष्ठ मास की शुरुआत 6 मई 2023 से हो गई है और इसका समापन 30 मई 2023 को होगा। इस माह में 4 मंगलवार हैं जिन्हें, बड़ा मंगल कहा जा रहा है। इस साल बड़े मंगल की तिथियां 9 मई, 16 मई, 23 मई और 30 मई हैं।
ज्येष्ठ महीने में क्यों मनाया जाता है बड़ा मंगल
सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ के महीने में मंगलवार को भगवान हनुमान पहली बार भगवान राम से मिले थे। तब से माना जाता है कि इस महीने के सभी मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इसलिए इस महीने के मंगल के दिन मंदिरों में कीर्तन आयोजित किए जाते हैं, एक धार्मिक भोज (भंडारा) आयोजित किया जाता है और लोगों को पानी चढ़ाया जाता है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में बड़ा मंगल बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। माना यह भी जाता है कि बड़ा मंगल मनाने की परम्परा उत्तर प्रदेश से ही शुरू हुई थी।
जानें बड़ा मंगल का महत्व
बड़ा मंगल को बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान हनुमान जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। बड़ा मंगल पर उत्तर प्रदेश के लखनऊ समेत कई मंदिरों में भी भंडारे का आयोजन किया जाता है। माना जाता है कि मान्यता है कि जो भक्त इस महीने के मंगलवार का व्रत और हनुमान जी की पूजा करते हैं, उनके सभी संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन पूजा-पाठ करने से नेगेटिविटी आपसे कोसों दूर रहती है और आपके जीवन में खुशहाली आती है।
बड़ा मंगल की पूजा करने का सही तरीका
- बड़ा मंगल के महापर्व पर हनुमान जी का आशीर्वाद पाने के लिए व्यक्ति को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान-ध्यान आदि करना चाहिए।
- अब विधि-विधान से व्रत का संकल्प लें।
- संकल्प लेने के बाद घर के ईशान कोण में चौकी में हनुमान जी का चित्र रखें और उसकी पूजा-अर्चना करें।
- यदि ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, तो किसी हनुमान मंदिर में जाकर आपको पूजा-पाठ करना चाहिए।
- पूजा के दौरान हनुमान जी को लाल रंग का फूल, लाल रंग के वस्त्र, लाल रंग के फल, बूंदी, सिंदूर, चोला आदि चढ़ाना चाहिए।
- यदि आपने व्रत किसी मनोकामना के लिए रखा है, तो पूजा-पाठ के बाद हनुमान चालीसा का सात बार पाठ जरूर करना चाहिए।
- इसके बाद सबसे अंत में हनुमान जी की आरती से पूजा सम्पन्न करनी चाहिए।
- आरती के बाद हनुमान जी को चढ़ाया गया प्रसाद खुद भी ग्रहण करें और जितने ज्यादा लोगों को बांट सकते हैं बांटें।
Updated on:
08 May 2023 04:49 pm
Published on:
03 May 2023 06:09 pm
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