दीपावली 2019: माता महालक्ष्मी जी की महाआरती

Jai Laxmi Mata (Laxmi Aarti) : सुख समृद्धि की कामना से दीपावली पर करें लक्ष्मी माता की यह आरती

By: Shyam

Published: 26 Oct 2019, 04:30 PM IST

साल 2019 में दीपावली का महापर्व 27 अक्टूबर दिन रविवार को है। दिवाली का त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। दीपावली के दिन हिंदू धर्मावलंबी श्रद्धालु धन, वैभव, यश-कीर्ति, सुख-समृद्धि आदि की कामना से माता महालक्ष्मी जी की विशेष पूजा अर्चना करते हैं। दिवाली के दिन विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद माता महालक्ष्मी आ सामुहिक रूप से गायन करने से लक्ष्मी माता प्रसन्न हो जाती है। आरती के बाद या आरती के पहले नीचे दी गई स्तुति वंदना का पाठ करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

 

दीपावली महापर्व: सटीक शुभ मुहूर्त एवं पूजा विधि, 27 अक्टूबर 2019

।। माता महालक्ष्मी की महाआरती ।।

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।
तुमको निसदिन सेवत हर-विष्णु-धाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।

तुम पाताल-निरंजनि, सुख-सम्पत्ति-दाता।
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि-धन पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता।
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनि, भवनिधि की त्राता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।

जिस घर तुम रहती, तहँ सब सद्गुण आता।
सब सम्भव हो जाता, मन नहिं घबराता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न हो पाता।
खान-पान का वैभव सब तुमसे आता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।

शुभ-गुण-मंदिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता।
रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहिं पाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कई नर गाता।
उर आनन्द समाता, पाप शमन हो जाता॥
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।

स्थिर चर जगत बचावे, शुभ कर्म नर लाता।
राम प्रताप मैया की शुभ दृष्टि चाहता।।
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।

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सुख समृद्धि और सफलता के लिए दिवाली के दिन केवल 2 बार कर लें इस लक्ष्मी स्तुति का पाठ

 

इस स्तुति वंदना का पाठ करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है

नमस्तेऽस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते।
शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।
नमस्ते गरुडारूढे कोलासुरभयंकरि।
सर्वपापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।

सर्वज्ञे सर्ववरदे देवी सर्वदुष्टभयंकरि।
सर्वदु:खहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।
सिद्धिबुद्धिप्रदे देवि भुक्तिमुक्तिप्रदायिनि।
मन्त्रपूते सदा देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।

आद्यन्तरहिते देवि आद्यशक्तिमहेश्वरि।
योगजे योगसम्भूते महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।
स्थूलसूक्ष्ममहारौद्रे महाशक्तिमहोदरे।
महापापहरे देवि महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।

पद्मासनस्थिते देवि परब्रह्मस्वरूपिणी।
परमेशि जगन्मातर्महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।
श्वेताम्बरधरे देवि नानालंकारभूषिते।
जगत्स्थिते जगन्मातर्महालक्ष्मी नमोऽस्तु ते।।

महालक्ष्म्यष्टकं स्तोत्रं य: पठेद्भक्तिमान्नर:।
सर्वसिद्धिमवाप्नोति राज्यं प्राप्नोति सर्वदा।

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दीपावली 2019: माता महालक्ष्मी की महाआरती
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