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जया पार्वती व्रत : ऐसे करें माँ पार्वती की पूजा, आरती, माता के 8 नामों एवं कामना पूर्ति बीज मंत्र का जप

jaya parvati vrat: जो भी विवाहित महिलाएं 'जया पार्वती' का व्रत रख रही हो वे माता पार्वती की ऐसे पूजा करें। माता आपकी सभी मनोकामना पूरी कर देगी।

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भोपाल

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Shyam Kishor

Jul 13, 2019

jaya parvati vrat poioja

जया पार्वती व्रत : ऐसे करें माँ पार्वती की पूजा, आरती, माता के 8 नामों एवं कामना पूर्ति बीज मंत्र का जप

14 से 20 जुलाई 2019 तक सुहागिन महिलाएं विशेष रूप में माता पार्वती की "जया पार्वती" व्रत रखकर पूजा अर्चना करके अपने अखंड सौभाग्य की कामना करती है। अगर आप भी "जया पार्वती" का व्रत रख रही हो तो माता पार्वती की ऐसे पूजा करें। माता आपकी सभी मनोकामना पूरी कर देगी।

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पूजा विधि

सबसे पहले माँ पार्वती का षोडशोपचार विधि विधान से आवाहन पूजन करें। पूजन के बाद माता के इन 8 नामों का श्रद्धापूर्वक 11-11 बार जप करें। ये आठ नाम अत्यन्त सौभाग्यदायक है। इनके जप से प्रसन्न होकर शिवप्रिया माता पार्वती रूप, सौभाग्य, दाम्पत्य-सुख, संतान, धन व ऐश्वर्य आदि की सभी कामनाएं पूरी कर देती है।

मां पार्वती के आठ नाम

- पार्वती, ललिता, गौरी, गान्धारी, शांकरी, शिवा, उमा एवं सती।

सौभाग्य व आरोग्य की प्राप्ति के लिए माँ पार्वती के नामों का जप करने के बाद 108 बार इस मन्त्र का जप करने से सुख-सौभाग्य एवं आरोग्य की प्राप्ति होती है।

मंत्र
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।

अर्थ– हे माता मुझे सौभाग्य और आरोग्य दो। परम सुख दो, रूप दो, जय दो, यश दो और मेरे काम-क्रोध्र आदि शत्रुओं का नाश करो।।

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उपरोक्त पूजा क्रम पूजा करने के बाद माँ पार्वती की इस आरती का श्रद्धा भाव से गायन करें।

।। माँ पार्वती जी की आरती।।

ऊँ जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
ब्रह्मा सनातन देवी शुभफल की दाता।।
अरिकुलापदम बिनासनी जय सेवक्त्राता,
जगजीवन जगदंबा हरिहर गुणगाता।।
सिंह को बाहन साजे कुण्डल हैं साथा,
देबबंधु जस गावत नृत्य करा ताथा।।

माँ पार्वती जी की आरती सतयुगरूपशील अतिसुन्दर नामसतीकहलाता,
हेमाचल घर जन्मी सखियन संग राता।।
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमाचल स्थाता,
सहस्त्र भुजा धरिके चक्र लियो हाथा।।
सृष्टिरूप तुही है जननी शिव संगरंग राता।
नन्दी भृंगी बीन लही है हाथन मद माता।।

देवन अरज करत तब चित को लाता,
गावन दे दे ताली मन में रंगराता।।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता।
सदा सुखी नित रहता सुख सम्पति पाता।।
।। जय पार्वती माता जय पार्वती माता।।

आरती पूरी होने के बाद भगवान शिव और माँ पार्वती की इस स्तुति का पाठ जरूर करें।

ऊँ कर्पुर गौरम करुणाअवतारं संसार सारं भुजगेन्द्र हारम्।
सदावसन्तम हृदया विंदे भवम भवानी सहितम नमामि।।

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