भगवान शिव के अंश बाबा कालभैरव की पूजा आराधना करने का विशेष दिन मानी जाती है कालाष्मटमी तिथि। शास्त्रोंक्त विधान है कि कालाष्टमी तिथि को सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय भगवान कालभैरव की विधिवत पूजा अर्चना करने से प्रसन्न होकर जीवन में सुख समृद्धि के साथ सभी मनोकामना पूरी कर देते हैं, भैरव बाबा। फाल्गुन मास (फरवरी) में 15 फरवरी को हैं कालाष्टमी तिथि। जानें कालाष्टमी तिथि के दिन कौन सी छोटी सी पूजा कर बाबा कालभैरव को प्रसन्न कर उनकी कृपा के अधिकारी बन सकते हैं।