
Mahashivratri Upay 2025: महाशिवरात्रि उपाय 2025
Remedies On Mahashivratri: जयपुर के ज्योतिषी डॉ. अनीष व्यास के अनुसार महाशिवरात्रि भगवान की प्रिय तिथि है। इस दिन भगवान शिव लिंगरूप में प्रकट हुए थे, साथ ही यह शिव शक्ति के पुनर्मिलन की भी रात है। इस दिन सुबह से ही मंदिरों में शिव भक्तों की भीड़ जमा हो जाती है। सभी भक्त प्रभु की पूजा-अर्चना में जुट जाते हैं।
कई लोग इस दिन अपने-अपने घरों में रुद्राभिषेक भी करवाते हैं। भगवान भोलेनाथ की कई प्रकार से पूजा अर्चना की जाती है। साथ ही लोग अपनी सामर्थ्य के अनुसार विशेष अनुष्ठान कराते हैं। लेकिन महाशिवरात्रि पर कुछ आसान उपाय से भी महादेव को प्रसन्न किया जा सकता है। आइये जानते हैं महाशिवरात्रि के कुछ ऐसी ही सरल ज्योतिषीय उपाय
भविष्यवक्ता डॉ. अनीष व्यास के अनुसार महाशिवरात्रि पर्व के दिन भगवान शिव की उपासना के समय शिवलिंग पर शहद से अभिषेक करना शुभ होता है। ऐसा करने से श्रद्धालु के कार्य जीवन में आ रही सभी समस्याएं दूर हो जाती है और भगवान शिव की कृपा बनी रहती है।
शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक दही से करने से भी आर्थिक क्षेत्र में आ रही सभी परेशानियां दूर हो जाती है।
महाशिवरात्रि पर गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। भगवान शिव का अभिषेक करते समय 108 बार 'ॐ पार्वतीपतये नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में अकाल संकट नहीं आता है।
इस साल महाशिवरात्रि 2025 पर विशेष योग बन रहे हैं। इससे इस दिन शिवजी के साथ ही सूर्य, बुध और शनि ग्रह की भी विशेष पूजा करने का शुभ योग है। इस योग में की गई पूजा-पाठ से कुंडली से जुड़े ग्रह दोष भी शांत हो सकते हैं।
डॉ. अनीष व्यास के अनुसार महाशिवरात्रि पर यदि भक्त बेलपत्र से भगवान शिव की विशेष पूजा करे तो उनके धन संबंधी दिक्कतें दूर हो जाती है, जो लोग शिव मंदिर में पूजा नहीं कर पाते हैं, वे घर में शिवलिंग स्थापित करके पूजा कर सकते हैं।
ज्योतिष के अनुसार अच्छे कार्य यदि अच्छे समय में किया जाए तो उसकी शुभता और बढ़ जाती है। जो भक्त घर में शिवलिंग की स्थापना करना चाहते हैं, उनके लिए महाशिवरात्रि बहुत शुभ दिन है। लेकिन अगर घर में शिवलिंग स्थापित करना चाहते हैं तो शिवलिंग का आकार ज्यादा बड़ा नहीं होना चाहिए।
डॉ. अनीष व्यास के अनुसार महाशिवरात्रि पर शिव पूजा करते समय में अपनी मनोकामना के अनुसार मंत्र जप करना चाहिए। यदि आपको अनजाना भय और चिंता रहती है तो महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए। महामृत्युंजय मंत्र की वजह से शिव जी की विशेष कृपा मिलती है, जिससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
महामृत्युंजय मंत्र- ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।
भविष्यवक्ता डॉ. अनीष व्यास के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को पंचामृत से स्नान करा कराएं। केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं। पूरी रात्रि का दीपक जलाएं। चंदन का तिलक लगाएं. बेलपत्र, भांग, धतूरा, गन्ने का रस, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं। सबसे बाद में केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें।
Updated on:
26 Feb 2025 11:08 am
Published on:
26 Feb 2025 11:06 am
बड़ी खबरें
View Allत्योहार
धर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
